थाने में सुसाइड, युवक पर पहले से कई केस दर्ज:आत्महत्या से पहले पी थी चाय, फिर कंबल को फाड़कर फंदा बनाया

जयपुरएक वर्ष पहले

जवाहर सर्किल थाने में अंकित त्यागी की मौत ने फिर से एक बार पुलिस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाने की बैरक में बंद आरोपी अंकित त्यागी ने कंबल को फाड़कर बैरक में फांसी लगा ली। इस दौरान ड्यूटी ऑफिसर क्या कर रहे थे। अंकित पर नजर क्यों नहीं रखी गई।

घटना की जानकारी मिलने पर एडिशनल कमिश्नर अजय पाल लांबा मौके पहुंचे। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी पॉक्सो के तीन मामले दर्ज हैं। आरोपी पूर्व में भी इस तरह की कई घटनाएं कर चुका है।18 फरवरी को थाने में शिकायत आई थी की बाइक सवार एक युवक ने नाबालिग बच्ची के साथ छेड़छाड़ की जिस पर टीम ने जांच की तो उन्हे सीसीटीवी मिला जिस के आधार पर पुलिस आरोपी अंकित तक पहुंची थी।

आरोपी के खिलाफ पूर्व में चार मामले हैं दर्ज
मृतक अंकित के खिलाफ पूर्व में भी पॉक्सो के तीन मामले दर्ज हैं। वर्ष 2014 में एक्सिटेंड का,वर्ष2016 में श्याम नगर में पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज हुआ,वर्ष 2016 और 2017 में भी शिप्रापथ थाने में पॉक्सो का मामला दर्ज हुआ।हालांकी एक मुकदमे में आरोपी पूर्व में बरी हो चुका है।

जीवन की अंतिम चाय सुबह साढे 3बजे ली थी अंकित ने
ड्यूटी ऑफिसर जगदीश प्रसाद एएसआई रात सवा 3बजे जब थाने पहुंचे तो अपने साथ चाय लाये थे। अंकित से चाय पीने को कहा तो वह बोला पिला दो।डीओ ने चाय पिलाई और फिर ड्यूटी में लग गये जिसके बाद अंकित ने कम्बल को फाड़ कर फंदा बनाया और बैरक में लगी खिड़की में फंदा फंसाकर सुसाइड कर लिया।

खबरें और भी हैं...