पुलिस खंगाल रही बस स्टैंड:आरोपी बोल रहा था मध्यप्रदेश की भाषा, पुलिस टीमें एमपी तक पहुंचीं

जयपुर2 महीने पहले
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पुलिस खंगाल रही बस स्टैंड, स्टेशन के फुटेज - Dainik Bhaskar
पुलिस खंगाल रही बस स्टैंड, स्टेशन के फुटेज

प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में 4 माह के दिव्यांश को ले जाने वाले आराेपी की तलाश कर रही 150 पुलिसकर्मियों की टीमें तीसरे दिन भी खाली हाथ रहीं। बच्चा चोर की तलाश में पुलिस टीमें सीकर, दौसा, कोटा व मध्यप्रदेश के देवास, उज्जैन व खरगोन भेजी गई है। 10 टीमें एसएमएस हॉस्पिटल के आसपास, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के फुटेज खंगाल रही हैं। दो टीमें एसएमएस के आसपास आरोपी की फोटो दिखाकर पूछताछ कर रही हैं।

एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती दिव्यांश के बड़े भाई आयुष के लिए खून देने वाले पवन से पूछताछ के बाद पुलिस टीमें कोटा व एमपी रवाना हो गई। पवन ने पुलिस को बताया कि बच्चाचोर की भाषा एमपी की थी। एमपी के देवास, उज्जैन व खरगोन में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। इसलिए पुलिस वहां के रिकॉर्ड खंगाल रही है।

चार हजार पोस्टर छपवाए, पांच हजार का इनाम घोषित

इधर पुलिस ने दिव्यांश को चुराने वाले आरोपी की फोटो लगाकर 4 हजार पोस्टर छपवाए हैं। जिन्हें सभी सार्वजनिक स्थानों पर लगवाया जा रहा है। आरोपी पर पुलिस ने 5 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया। दिव्यांश के पिता अंकुर ने बताया कि इंदिरा रसोई पर खाना खाने के दौरान पवन से जानकारी हुई थी। पवन ने उनके बेटे के लिए खून दिया था। दिव्यांश चोरी होने के दौरान पवन भी एसएमएस अस्पताल में ही था। पवन ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे 20 रुपए देकर निप्पल लेने भेजा था।

पुलिस ने एसएमएस हॉस्पिटल के आस-पास के इलाके से मोबाइल टावरों के डाटा एकत्र किए हैं। संदिग्ध नंबरों की जांच की जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चा चोरी का आरोपी वारदात के तीन दिन पहले तक एसएमएस हॉस्पिटल के चारों तरफ घूम रहा था। वारदात के बाद त्रिमूर्ति सर्किल की तरफ जाने के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

सूर्या अस्पताल नहीं, क्लिनिक में लेकर गए थे बच्चे को

आराेपी युवक बच्चे के परिजनों काे जिस डाॅक्टर मुकेश भास्कर के पास ले गया, वे सूर्या अस्पताल में काम नहीं करते। बिल्डिंग में उनकी क्लिनिक है। पुलिस काे मिले फुटेज भी बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी के हैं।

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