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समस्या:सोलर डीएफयू-सोलर बोरवेल के काम में तेजी लाने की नसीहत, लेकिन काम नहीं करने वालों पर कार्रवाई से परहेज

जयपुर8 महीने पहले
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  • जलदाय विभाग की लापरवाही से पी रहे फ्लोराइड युक्त पानी

जलदाय विभाग के इंजीनियरों की लापरवाही के कारण जनता को फ्लोराइड का पानी पीना पड़ रहा है तथा सोलर बोरवेल नहीं बनने से पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन विभाग के आला अधिकारी काम में कोताही बरतने वालों पर कार्रवाई से परहेज कर रहे हैं। जबकि विभाग के प्रमुख सचिव राजेश यादव पिछले दो सप्ताह में विभाग के सोलर डीएफयू (डी-फ्लोरीडेशन यूनिट) और सोलर बोरवेल पंप लगाने के काम में तेजी लाने की दो बार नसीहत दे चुके हैं। लेकिन काम नहीं करने वालों पर कार्रवाई के कोई निर्देश नहीं दिए।

प्रदेश में 6 हजार 849 गांंव-ढाणी में फ्लोराइड की समस्या है। नेशनल वाटर क्वालिटी सब मिशन के तहत फ्लोराइड से प्रभावित आबादियों में सोलर ट्यूबवेल के साथ सोलर डीएफयू लगाए जाने हैं। वर्कऑर्डर लेने के बाद ठेकेदार काम नहीं कर रहे हैं। प्रदेश के एक हजार 34 गांव-ढाणियों में प्रोजेक्ट का काम बकाया है।

कई जगह ट्यूबवेल नहीं बनने से सोलर सिस्टम व डीएफयू नहीं लग पा रहे हैं। जयपुर जिले में सोलर बोरवेल का काम नहीं करने वाली फर्म श्याम एंटरप्राइजेज (निमेड़ा) को अधीक्षण अभियंता आनंद मीना ने एक साल के लिए टेंडर लेने से डिबार कर दिया था। लेकिन एडिशनल चीफ इंजीनियर देवराज सोलंकी ने अधीक्षण अभियंता आनंद मीना की कार्रवाई को गलत बताते हुए डिबार को हटा दिया। यानि कार्रवाई के बजाए राहत दे दी। इस मामले पर भी प्रमुख सचिव ने कोई निर्देश नहीं दिए हैं। प्रदेश में 2000 सोलर ट्यूबवैल तथा 1250 चिन्हित स्थानों पर सोलर ट्यूबवेल्स के साथ सोलर डीएफयू स्थापित किए जाने हैं।

इन सबके लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं लेकिन फील्ड में काम की रफ्तार बहुत धीमी है।

लापरवाह कॉन्ट्रेक्टर-इंजीनियरों पर होगी कार्रवाई : यादव
वहीं विभाग के प्रमुख सचिव राजेश यादव का कहना है कि सोलर ट्यूबवेल व सोलर डीएफयू लगा कर जनता को अच्छी क्वालिटी का पेयजल सप्लाई करने पर काम किया जा रहा है। काम में लापरवाही करने वाले कॉन्ट्रेक्टर व इंजीनियरों पर कार्रवाई का जाएगी।

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