धरियावद में राठाैड़ V/s राठाैड़, वल्लभनगर में कटारिया V/s प्रताप:मैदान में प्रत्याशी तो बाहर सियासी रणनीतिकाराें के बीच उपचुनाव का मुकाबला

जयपुरएक महीने पहलेलेखक: सौरभ भट्‌ट
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विधानसभा उपचुनावों में बुधवार को नामांकन वापसी का अंतिम दिन था। - Dainik Bhaskar
विधानसभा उपचुनावों में बुधवार को नामांकन वापसी का अंतिम दिन था।

विधानसभा उपचुनावों में बुधवार को नामांकन वापसी का अंतिम दिन था। इसके बाद अब वल्लभनगर और धरियावद में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की स्थिति साफ हो गई है। वल्लभनगर में कांग्रेस की प्रीति शक्तावत, भाजपा के हिम्मत सिंह झाला, आरएलपी के उदयलाल डांगी और जनता सेना से दीपेंद्र कंवर सहित 9 प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं धरियावद में भाजपा के खेतसिंह, कांग्रेस के नगराज मीणा, बीटीपी के गणेश लाल मीणा सहित 7 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। मैदान में भले ही मुकाबला ये प्रत्याशी लड़ रहे हैं, लेकिन दोनों पार्टियों में असल सियासी मुकाबला उन रणनीतिकारों के बीच है जो यहां चुनावों की बागडोर संभाल रहे हैं।

धरियावद : पीतलिया के बाद अब कन्हैया पर कांग्रेस की नजर-

कांग्रेस : नगराज मीणा, भाजपा : खेत सिंह मीणा, बीटीपी : गणेशलाल मीणा
धरियावद में भाजपा की रणनीति की कमान राजेंद्र राठौड़ ने संभाल रखी है, वहीं सीएम अशोक गहलोत के नजदीकी धर्मेंद्र राठौड़ कांग्रेस की चुनावी बागडोर संभाल रहे हैं। ये दोनों रणनीतिकार सहाड़ा उपचुनावों में भी आमने-सामने हो चुके हैं। भाजपा के खेतसिंह, कांग्रेस के नगराज यहां आमने-सामने हैं। भाजपा ने पूर्व विधायक गौतम लाल मीणा के पुत्र कन्हैया लाल को बागी होने से रोक तो लिया, लेकिन कांग्रेस इसे पीतलिया फैक्टर की तरह ही भुनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

भाजपा के सामने है सीट बचाने की चुनौती
धरियावद में हुए पिछले तीन चुनावों में दो में भाजपा तो एक में कांग्रेस विजयी रही थी। 2008 में इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी नगराज मीणा जीते थे। वहीं 2013 और 2018 में भाजपा के गौतमलाल मीणा ने परचम फहराया था। अब 2021 के उपचुनाव में एक बार फिर कांग्रेस से नगराज मीणा मैदान में हैं, जबकि भाजपा के खेतसिंह मीणा पहली बार मैदान में हैं।

वल्लभनगर : टिकट में उलझी भाजपा, कांग्रेस को सहानुभूति का सहारा-

कांग्रेस : प्रीति, भाजपा : हिम्मत सिंह, आरएलपी : उदयलाल, जनता सेना : दीपेंद्र

वल्लभनगर में कांग्रेस के रणनीतिकारों में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, धर्मेंद्र राठौड़, उदयलाल आंजना हैं, वहीं भाजपा के चुनाव की कमान गुलाबचंद कटारिया, सांसद सीपी जोशी जैसे दिग्गज नेताओं ने संभाल रखी है। कांग्रेस ने यहां भूतपूर्व विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत की पत्नी प्रीति शक्तावत को मैदान में उतारा है। इस उम्मीद में कि उन्हें यहां सहानुभूति की लहर का फायदा मिलेगा। भाजपा इस सीट पर भी टिकट बंटवारे में शुरू से ही उलझी नजर आई।

भाजपा का विपक्ष के साथ अपनों से भी मुकाबला
वल्लभनगर में एक खेमा रणधीर सिंह भिंडर को टिकट देना चाहता था, लेकिन गुलाबचंद कटारिया और सीपी जोशी भिंडर के खिलाफ थे। भाजपा को यहां सिर्फ कांग्रेस से ही मुकाबला नहीं करना, जनता सेना के रणधीर भिंडर की पत्नी दीपेंद्र कंवर और पूर्व में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके आरएलपी प्रत्याशी उदयलाल डांगी भी उसके लिए मुसीबत बने हुए हैं।

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