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NHAI के रिटायर्ड अधिकारी का हत्यारा शूटर गिरफ्तार:6 हजार करोड़ की कंपनी के मालिक ने बनाई थी मारने की योजना, प्रोजेक्ट लेट होने पर 15 लाख में शूटर से हत्या करवा दी

जयपुर4 महीने पहले
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हरियाणा के पानीपत से गिरफ्तार शूटर धर्मेंद्र। - Dainik Bhaskar
हरियाणा के पानीपत से गिरफ्तार शूटर धर्मेंद्र।

जयपुर में NHAI के रिटायर्ड अधिकारी की हत्या के बाद फरार हुए शार्प शूटर को कुरूक्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। खास बात है कि जिन कपड़ों को पहन कर वह रिटायर्ड अधिकारी आरके चावला की हत्या करने आया था, उन्हीं कपड़ों में पुलिस को गांव में मिला। जयपुर पुलिस वारदात में शामिल दूसरे शूटर की तलाश कर रही है। जयपुर-गुरुग्राम हाईवे पर 14 फुटओवर ब्रिज को लेकर कंपनी के ही ठेकेदारों के बीच में विवाद चल रहा था। हरियाणा से 15 लाख रुपए में शूटर बुलाकर हत्या कराई गई थी।

पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि धर्मेंद्र (27) पुत्र मांगेराम निवासी उरलाना कलां, पानीपत (हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इससे पहले करणदीप श्योराण (29) पुत्र राजेंद्र श्योराण निवासी साकेत कालोनी, हिसार हाल किराएदार गुरुग्राम, नवीन बिस्ला (31) पुत्र कर्मवीर निवासी गांव उरलाना, पानीपत (हरियाणा), विकास (33) पुत्र गजे सिंह निवासी हिसार सिटी हाल किराएदार गुरुग्राम, अमित नेहरा (26) पुत्र राजवीर नेहरा निवासी आलमपुर भिवानी (हरियाणा) हाल किराएदार गोल्फ सेक्टर 65, गुरुग्राम (हरियाणा) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को पकड़ने में स्पेशल टीम से कॉन्स्टेबल सुरेंद्र सिंह, रोहिताश की सराहनीय भूमिका रही।

26 अगस्त को आरके चावला निवासी फरीदाबाद (हरियाणा) प्रोग्रेस मीटिंग में शामिल होने के लिए जयपुर आए थे। मीटिंग से बाहर निकलते ही दो युवकों ने फायर कर हत्या कर दी। दोनों फरार हो गए। भागने के बाद पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। काले रंग की फाच्यूर्नर में भागते हुए दिखाई दिए। उनकी पहचान नहीं हो सकी। तब पुलिस ने कंपनी के ठेकेदारों और कर्मचारियों से ही पूछताछ शुरू की।

करणदीप की कंपनी में एक हजार कर्मचारी

करणदीप हत्या का मास्टरमाइंड है, जो मैसर्स ई 5 इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का मालिक है। कंपनी का 6 हजार करोड़ रुपए का टर्नओवर है। इंफ्रास्ट्रक्चर का काम करती है। विकास देवंदा और नवीन दोनों ही इंजीनियर हैं। ये करणदीप की कंपनी में काम करते हैं। इन्होंने आपस में ही बात कर हत्या की योजना बनाई। आरके चावला प्रोजेक्ट के लिए आगे समय नहीं दे रहा था। उसे हटाने के लिए 15 लाख रुपए में दो शूटरों को सुपारी दी गई।

हत्या से पहले मीटिंग में बैठे थे दोनों

26 अगस्त को मीटिंग में विकास और नवीन शामिल होने आए थे। ये दोनों शूटरों को गुरुग्राम से साथ लेकर आए। शूटरों को पहले ही बाहर आरके चावला को दिखा दिया। बाहर निकलते ही दोनों आरके चावला को मार दिया। बाद में विकास और नवीन ने गुरुग्राम पहुंच कर करणदीप को पूरी बात बताई।

हत्या की बड़ी वजह

गुरुग्राम से जयपुर तक 14 फुटओवर ब्रिज 35 करोड़ रुपए में बनने थे। ये काम 2019 से 2020 के बीच पूरा होना था। इसका टेंडर करणदीप की कंपनी को मिला था। आरके चावला को इस प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य को ठेकेदार व एनएचएआई के बीच कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार पूरा करवाना था। करणदीप की कंपनी समय पर प्रोजेक्ट को पूरा नहीं कर पाई। कंपनी पर आरके चावला ने 3.5 करोड़ की पैनल्टी लगा दी। करणदीप ने प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए समय मांगा था। इसीलिए जयपुर में मीटिंग की गई। इस मीटिंग में कंपनी के कर्मचारी, आरके चावला और NHAI से हरीसिंह मौजूद थे।

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