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कार्रवाई का कोई असर नहीं:निगम ने 50 अवैध निर्माण और रिहायशी क्षेत्रों में फैक्ट्री सील की थी; स्टेटस-बिना सील खुले बिल्डिंगें बनीं...कारोबार भी चालू

जयपुर3 दिन पहलेलेखक: शिव प्रकाश शर्मा
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रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति संचालित फैक्ट्रियों और निर्माण काे निगम कर्मचारी सील तो करते हैं लेकिन फैक्ट्री संचालक और बिल्डर अधिकारियों की मिलीभगत से ‘बैकडोर’ से काम धड़ल्ले से जारी रखते हैं। हेरिटेज निगम में 50 अवैध निर्माण और रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों काे सील किया गया था। हालांकि इनमें से सिर्फ 6 की सील खाेली गई है। इसके बावजूद बाकी अवैध निर्माण कागजों में ताे सील हैं लेकिन मौके पर बिल्डिंग खड़ी हाे गई। लोगों ने कई शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस बारे में मेयर मुनेश गुर्जर का कहना है जिन इमारतों काे नियमानुसार सील किया गया था, उनकी स्थिति की जांच करवाई जाएगी। सील खोलने का अधिकार सिर्फ डीएलबी काे है। अगर किसी ने सील ताेड़ा है ताे उस पर कार्रवाई कराई जाएगी।

यूडीएच मंत्री के आदेश पर सील फैक्ट्री में मार्बल का काम जारी
सिविल लाइन जाेन वार्ड-38 खातीपुरा में कुमावत बाड़ी स्कूल के पीछे मकान नंबर ए-13 और 14 में मूर्तियों का काम हो रहा है। इससे कई लोगों को मार्बल कणों से सिलिकोसिस हो गया। इस पर अगस्त 2020 में मेयर-आयुक्त, जेडीसी और सिविल लाइन जाेन डीसी काे शिकायत दी गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। दिसंबर 2020 में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल तक शिकायत पहुंची। 23 मार्च 2021 काे फैक्ट्री काे जाेन उपायुक्त ने सील कर दिया। हालांकि कुछ दिन बाद ही ‘सील’ फैक्ट्री में काम शुरू हो गया। लाेगाें ने निगम में शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। सिविल लाइन जाेन के कागाजों में 23 मार्च 2021 से फैक्ट्री सील है लेकिन मौैके पर सील काे तोड़कर काम जारी है।

सील बिल्डिंग में 5 महीने में ही 4 मंजिल तक का काम हो गया
किशनपाेल जाेन के वार्ड 74 में मकान नंबर 1166 कावंटियों की पिपली के पास 4 सितंबर 2021 काे बिना अनुमति निर्माण कार्य पर बिल्डिंग काे तत्कालीन जाेन उपायुक्त साेहनराम चाैधरी ने सील किया था। दाे दिन बाद ही सील तोड़कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। जाेन अधिकारियों ने पहली मंजिल को सील किया था। इस दौरान चार मंजिल बना दी गई। पांच माह में ही निर्माण हाे गया जबकि कागजों में मकान अब भी सील है। दुकानें बनाकर रंगनराेगन के बाद शटर लगा दिए गए। यहां बिजली के ट्रांसफार्मर लगे हाेने के बावजूद बालकनी का निर्माण कर दिया। जनप्रतिनिधियों की शिकायतों काे भी दरकिनार कर दिया गया।

तीन महीने में दो बार बिल्डिंग सील, अंदर ही अंदर काम जारी
आदर्श नगर जाेन में संजय बाजार मिश्रा मार्केट में गैस एजेंसी के पीछे अवैध तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण कर लिया गया। गत तीन महीने में निर्माण काे दाे बार सीज कर दिया गया। सीज के दाैरान ही तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण हाे गया। रामगंज थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई। विजिलेंस कमिश्नर अपनी रिपोर्ट में बिल्डिंग काे हटाने की सिफारिश कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि यह सरकारी जमीन है, इसके बाद काेई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद भी काम नहीं रुका। सरेआम काम चलता रहा लेकिन किसी को पता नहीं चला। इस निर्माण के बाद जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लाजिमी हैं।

सील टूटने पर जाेन उपायुक्त काे करवानी हाेती है FIR
सील तोड़ने की सूचना पर जाेन उपायुक्त को सील तोड़ने वालाें पर एफआईआर दर्ज करवानी हाेती है। इमारत काे दोबारा सील किया जाता है। हेरिटेज के चाराें जाेन में अब तक सील तोड़ने वालाें के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करवाई गई है। सील तोड़ने वालाें पर कानूनी कारवाई नहीं करने से लाेगाें के हौसले बुलंद हाेते हैं।

डीएलबी के अधिकारी जांच कर खोलते हैं सील
6 माह से निगम द्वारा सील प्रॉपर्टी की जांच डीएलबी के अधिकारी करते हैं। इसके बाद सील खोलने का फैसला लिया जाता है। इससे पहले निगम नियम विरुद्ध हाे रहे निर्माण राेकने के लिए बिल्डिंग काे सील कर देता है। इसके बाद बिल्डिंग मालिक काे शपथ पत्र देना हाेता है कि वाे 90 दिन में अवैध निर्माण काे हटा लेंगे। यदि 90 दिन में निर्माण नहीं हटाया जाता है ताे नगर निगम उस निर्माण काे हटाता है। निगम की सील में डील की लगातार शिकायतों के बाद सरकार ने डीएलबी काे सील खाेलने का अधिकारी वापस साैंप दिया।

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