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डिस्काॅम्स में एईएन की सीनियॉरिटी पर विवाद:सीधी भर्ती के पद खाली नहीं, डीपीसी अटकी, फीडर मैनेजर को समायोजित करने के कॉर्डिनेशन कमेटी के फैसले को हाईकोर्ट ने भी सही माना

जयपुर9 दिन पहले
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जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम में सहायक अभियंता (एईएन) की सीनियारिटी और प्रमोशन पर विवाद हो गया है। हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह दिए फैसले में 2015 में कोआर्डिनेशन कमेटी के निर्णय को लागू करने के लिए कहा है। कोआर्डिनेशन कमेटी ने एईएन के सीधी भर्ती के पदों पर ही फीडर मैनेजर को समायोजित करने का निर्णय किया था।

लेकिन वर्तमान में तीनों डिस्कॉम में एईएन कैडर में सीधी भर्ती के पर्याप्त पद रिक्त नहीं है। तीनों डिस्कॉम की कार्मिक विंग की ओर से जारी सीनियारिटी लिस्ट में फीडर मैनेजर को शामिल कर लिया है। ऐसे में एईएन कैडर के इंजीनियरों की आपत्ति है कि यह हाईकोर्ट व कोआर्डिनेशन के फैसले का खुला उल्लंघन है।

जयपुर डिस्कॉम इंजीनियर्स एसोसिएशन ने भी सीनियारिटी को लेकर आपत्ति करते हुए डिस्कॉम चेयरमेन भास्कर ए. सावंत को ज्ञापन दिया है। जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम के इंजीनियरों ने भी सचिव (प्रशासन) को ज्ञापन दिया है। जयपुर डिस्कॉम के सचिव (प्रशासन) के जगजीत सिंह मोगा इस मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे है।

ये है विवाद
तीनों डिस्कॉम ने हाईकोर्ट में पेश किया था कि वर्ष 2016 में सीधी भर्ती के सभी रिक्त पद भर दिए गए है। जबकि कंपनियों ने रिक्त पद ना होते हुए भी फीडर मैनेजर को वर्ष 2011 व 2012 में समायोजित कर सीनियारिटी लिस्ट जारी कर दी। अजमेर डिस्कॉम ने 17 अगस्त 2020 को हाईकोर्ट में हलफनामा पेश किया था कि 2015-16 में एईएन सीधी भर्ती के कुल 46 रिक्त पद में से 23 पद प्रमोशन से और 23 पद सीधी भर्ती की परीक्षा से भर दिए गए है। जबकि 20 फीडर मैनेजर को समायोजित करना है।

जोधपुर डिस्कॉम ने हलफनामा दिया कि अप्रैल 2017 तक 6 पद सीधी भर्ती के खाली है। जबकि 27 फीडर मैनेजर को समायोजित करना पड़ेगा। जयपुर डिस्कॉम ने हलफनामा में केवल 2011-12 की स्थिति बताई। जबकि इसके बाद 2016 में 34 पदों एईएन के खाली पदों पर भर्ती कर दी, जबकि यहां 14 फीडर मैनेजर को समायोजित करना है।

कॉर्डिनेशन कमेटी का यह है फैसला
कॉर्डिनेशन कमेटी के 2015 में फैसले के बाद डिस्कॉम्स ने सर्विस रेगुलेशन में यह बदलाव किया कि फीडर मैनेजर को सहायक अभियंता कैडर में समायोजित करने के लिए एईएन के सीधी भर्ती के रिक्त पद खाली रख कर फीडर मैनेजर को एईएन कैडर में समायोजित किया जाएगा।

यह है हाईकोर्ट का फैसला
हाईकोर्ट ने 6 जनवरी को फैसला दिया कि इंजीनियर सर्विस रेगुलेशन-2016 में किए बदलाव के आधार पर फीडर मैनेजर को पूर्व तिथि से सहायक अभियंता कैडर में समायोजित किया जा सकता है।

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