डोटासरा के समधी शिक्षा विभाग में सलाहकार होंगे!:बेटे के ससुर को भर्ती सेल में पद देने की तैयारी, सिंगल नाम पर आदेश जारी कर 7 दिन का समय दिया

जयपुर9 महीने पहले

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के रिटायर समधी को सलाहकार पद पर नियुक्ति देने की तैयारी है। अभी उनके नाम का केवल सिंगल प्रस्ताव बनाकर उन्हें भेजा है। शिक्षा विभाग के भर्ती सेल में सलाहकार पद के लिए डोटासरा के समधी रमेश कुमार पूनिया के सिंगल नाम पर आदेश व प्रस्ताव जारी किया गया है। इसके लिए 7 दिन का समय दिया गया है। पूनिया करीब डेढ़ महीने पहले रिटायर हुए हैं।

रिटायरमेंट के बाद विभाग की ओर से पोस्टर बना कर समारोह किया गया था।
रिटायरमेंट के बाद विभाग की ओर से पोस्टर बना कर समारोह किया गया था।

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद में भर्ती प्रकोष्ठ में सलाहकार पद के लिए जारी आदेश में रमेश कुमार पूनिया का सिंगल आदेश जारी कर सात दिनों का समय दिया गया। पूनिया प्रदेश के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के बेटे के ससुर हैं। वह डेढ़ महीने पहले 30 सितम्बर को रिटायर हुए थे। शिक्षा विभाग की ओर से रिटायरमेंट के समय समारोह भी किया गया था। इससे पहले भी शिक्षक संगठनों ने आरोप लगाया था कि डोटासरा ने जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत समधी को पदोन्नत करवा कर उप निदेशक के पद पर करवा दिया था।

आयुक्त डा.भंवरलाल ने रिटायर्ड़ जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार पूनिया को प्रस्ताव भेजा है
आयुक्त डा.भंवरलाल ने रिटायर्ड़ जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार पूनिया को प्रस्ताव भेजा है

पहले भी रिश्तेदारों को लेकर रहे चर्चा में
डोटासरा ने समधी के प्रमोशन के लिए डीपीसी की बैठक को दो दिन पहले करवा दिया था। डोटासरा के दबाव में 28 व 29 जुलाई को होने वाली डीपीसी की बैठक की तारीख दो दिन पहले 26 जुलाई को करने का प्रस्ताव राज्य लोकसेवा आयोग में भेजा था। आयोग ने दो दिन पहले का समय देकर पूनिया को पदोन्नत करने की प्रक्रिया पूरी करवा दी थी।

इससे पहले आरएएस भर्ती परीक्षा 2018 में भी समधी के बेटे और बेटी काे परीक्षा में अच्छे नंबर दिलाने का आरोप लगा था। शिक्षा मंत्री डोटासरा की बहू के भाई गौरव और बहन प्रभा के नंबर भी बराबर आए थे। दोनों को ही परीक्षा में 80 प्रतिशत अंक मिले थे। बहू प्रतिभा ने भी 5 साल पहले 80 प्रतिशत अंक लेकर परीक्षा पास की थी। अजमेर के एडवोकेट देवेंद्र सिंह ने डोटासरा, समधी, बेटा और बेटी के खिलाफ कोर्ट में इस्तगासा भी पेश किया था।

विभाग की ओर से सलाहकार के लिए कार्य तय किए गए हैं।
विभाग की ओर से सलाहकार के लिए कार्य तय किए गए हैं।

सलाहकार के लिए अनुभव और योग्यता
सलाहकार के लिए किसी भी सब्जेक्ट में पोस्ट ग्रेजुएट होना चाहिए, राजस्थान के विभिन्न शैक्षिक परियोजनाओं, कार्यक्रमों की योजना निर्माण, क्रियान्यवन एवं पर्यवेक्षण का 10 साल का न्यूनतम अनुभव, राजस्थान सरकार में वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी के रूप में शैक्षिक कार्यक्रमों, नवचारों में शिक्षाविद् के रूप में योजना निर्माण एवं पर्यवेक्षण का अनुभव, राजस्थान सरकार से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तर पर सम्मान होना भी जरूरी है।

सलाहकार का क्या कार्य होगा
स्थानीय परिषद के विभिन्न प्रकोष्ठों में गतिविधियों का संचालन, मॉनिटरिंग एवं सलाह देना, विभिन्न प्रकोष्ठों में प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट में गतिविधियों में नियोजन एवं क्रियान्वयन में सहयोग, विभिन्न प्रकोष्ठों की वार्षिक कार्य योजना एवं बजट में स्वीकृत विभिन्न कार्यों का विश्लेषण, कमजोरी के क्षेत्र का तय कर परियोजना निदेशक को सुझाव देना। इसके अलावा समग्र शिक्षा मिशन व शिक्षा विभाग व राजस्थान सरकार व अन्य राजकीय विभागों में कोऑर्डिनेशन बनाना, विभाग की गतिविधियों व मॉनिटरिंग में सहयोग करना होगा।

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