अस्पताल में डॉक्टर ने हेड कॉन्स्टेबल को दी धमकी:परिवार पोस्टमार्टम के लिए गुहार लगाता रहा, डॉक्टर बोले- ड्यूटी खत्म, लिख वाले जिससे लिखवाना है

जयपुर9 महीने पहले

जयपुर में अबरन प्राइमेरी हेल्थ सेंटर (UPHC) में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। परिजन डॉक्टर को कहते रहे घर में आज शादी है, जल्द पोस्टमार्टम कर बॉडी दे दें। इंसानियत नहीं बची। डॉक्टर ने एक नहीं सुनी। प्रताप नगर थाने के हेड कॉन्स्टेबल ने डॉक्टर को पोस्टमार्टम नहीं करने का कारण पूछा। गुस्से में डॉक्टर धमकाते हुए पुलिसकर्मी से धक्का-मुक्की पर उतर आए। बोले- बात खत्म, मेरी ड्यूटी खत्म, लिख वाले जिससे लिखवाना है। मामला प्रताप नगर की सेक्टर-6 स्थित UPHC का है।

एसआई मुकेश मीना ने बताया कि दिल्ली रोड चंदवाजी निवासी मनीष मीना (25) की एक्सीडेंट में सोमवार तड़के मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के लिए शव को महात्मा गांधी हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया गया था। मृतक के परिजनों को एक्सीडेंट में मनीष की मौत की सूचना दी गई। मनीष की मौत का पता चलने पर परिजन सहित करीब 50-60 रिश्तेदार मोर्चरी पहुंच गए। परिजनों का आरोप है कि दोपहर करीब 12:30 बजे सेक्टर-6 स्थित UPHC में चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रमोद गुप्ता से पोस्टमार्टम के लिए कहा, लेकिन उन्होंने बाहर बैठने को कहा।

एक तरफ जवान मौत, दूसरी तरफ शादी
डॉ. प्रमोद गुप्ता के कहने पर पंचनामे की कार्रवाई के लिए गए हेड कॉन्स्टेबल देवेन्द्र शर्मा ने परिजनों को शांत करवाकर बाहर बैठा दिया। परिजनों ने हेड कॉन्स्टेबल को बताया कि मनीष की ममेरी बहन की आज शादी है। घर में खुशी का माहौल था, मनीष की मौत का पता चलते ही गम में बदल गया। जवान मौत हुई है और शादी में मेहमान भी आ रहे है। जल्द से जल्द पोस्टमार्टम करवाकर शव दे दो। डॉ. प्रमोद गुप्ता के जल्द पोस्टमार्टम की कहकर हेड कॉन्स्टेबल देवेन्द्र शर्मा मृतक के परिजनों को ढांढ़स बंधाता रहा।

ड्यूटी खत्म होने से पहले फिर पहुंचे
UPHC कर्मचारी से पता चला कि डॉ. प्रमोद गुप्ता की ड्यूटी 2 बजे खत्म हो जाएगी। डॉक्टर घर जाने की तैयारी कर रहे है। पता चलते ही हेड कॉन्स्टेबल देवेन्द्र के साथ परिजन डॉक्टर के चैम्बर में पहुंच गए। डॉक्टर प्रमोद गुप्ता को परिजनों ने शादी और जवान मौत के बारे में बताया, लेकिन डॉक्टर ने ड्यूटी टाइम खत्म होना बताया। परिजनों ने डॉक्टर को कहा कि वह तो पहले से ही हॉस्पिटल में वहां आए हुए है। डॉक्टर साहब अभी भी ड्यूटी खत्म होने में 15 मिनट है, लेकिन डॉक्टर ने एक नहीं सुनी।

हेड कॉन्स्टेबल को दिया धक्का, बोला- 7 साल की है सजा
मृतक के परिजन डॉक्टर को कहते रहे कि इंसानियत नहीं बची। मानवता भी कोई चीज है। हेड कॉन्स्टेबल देवेन्द्र ने पोस्टमार्टम नहीं करने पर डॉक्टर प्रमोद से लिखकर देने की कहा। गुस्साए डॉक्टर प्रमोद ने धमकाते हुए कहा कि पता नहीं क्या ऊंची आवाज में डॉक्टर से बात करने राजकार्य में बाधा में आता है। डॉक्टर से ऊंची आवाज में बात करना नॉन वैनिवल ओफयंस है, 7 साल की सजा है। हेड कॉन्स्टेबल के कहने पर कि मैं घर का काम नहीं लेकर आया हूं। डॉक्टर ने भड़ककर अपनी चेयर से उठकर हेड कॉन्स्टेबल से धक्का-मुक्की की। बोले- बात खत्म, मेरी ड्यूटी खत्म, लिख वाले जिससे लिखवाना है।

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