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मूर्ति पूजा से अनर्थ का डर दिखाकर ईसाई बना रहे:जयपुर में धर्मांतरण का खेल, वाटिका ग्राम पंचायत में मिशनरी की मंडलियां बनकर धर्मांतरण में जुटे समूह

जयपुर24 दिन पहलेलेखक: हर्ष खटाना
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सांगानेर में कार्यक्रम के लिए लगाए गए पोस्टर। - Dainik Bhaskar
सांगानेर में कार्यक्रम के लिए लगाए गए पोस्टर।

सांगानेर में पिछले महीने था बड़ा कार्यक्रम, पोस्टर तक छपे... हिंदू संगठनों के विरोध के बाद टाला
राजधानी में सरकार की नाक के नीचे धर्मांतरण का बड़ा खेल चल रहा है। जयपुर से 22 किमी दूर वाटिका की ढाणी बैरावालाें इसका केंद्र है। 400 परिवाराें वाली इस ढाणी और आसपास के गांव में भास्कर टीम पहुंची ताे यहां हिंदुओं के धर्मांतरण के प्रयास से जुड़ी वर्किंग के कई प्रमाण मिले हैं। गरीब व एससी ग्रामीणों को लालच और डर दिखाकर ईसाई में कन्वर्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुद को मिशनरी की मंडली बताने वाले लोग मूर्ति पूजा काे खत्म कराने, हिंदू देवी-देवताओं काे नहीं मानने और महिलाओं काे व्रत से दूरी जैसे संदेश दे रहे हैं। ये यीशु की शरण में आने पर बीमारी से लेकर हर समस्या दूर होने का दावा कर रहे हैं।

मिशनरी के संपर्क में आकर ईसाई धर्म के प्रचारक बने पास्टर धर्मपाल बैरवा व उनकी टीम ने क्षेत्र में धर्म के प्रचार के लिए वर्किंग कर रही है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में जयपुर के सांगानेर में धर्मांतरण को लेकर एक बड़ा आयोजन था। धार्मिक सभा के आयोजन के नाम पर इसके पोस्टर पर भी लगाए गए थे। धर्म जागरण मंच के संजय सिंह शेखावत ने जांच स्थानीय नेता अमित शर्मा से कराई। मामला खुलता चला गया। फिर हिंदू संगठनों की आपत्ति के बाद यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। सांगानेर सदर के थानेदार बृजमाेहन कविया बोले- आयाेजक ने कार्यक्रम की इजाजत ली थी। कार्यक्रम से दाे-तीन दिन पहले आकर कहा कि अब कार्यक्रम नहीं कराना।

गरीब-एससी आबादी टारगेट, दिवाली पर पूजा तक नहीं करने दी
मूर्तियाें काे कुएं या पीपल पर फेंककर आएं, भाेग न लगाएं
ढाणी की रेखा और लालाराम ने कहा- इस काम से जुड़ी एक मंडली ने ढाणी में कई लाेगाें काे अप्राेच किया। यीशु की प्रार्थना के बाद लाेगाें से कहा गया कि मूर्तिपूजा से दूर हाेना पड़ेगा। मूर्तियाें काे कुएं या तालाब में फेंककर आएं या पीपल के पेड़ पर छाेड़कर आएं। भगवान को भाेग लगाना बंद करना हाेगा। प्रार्थना से ही राहत मिलेगी।

डर का खेल ऐसा- दिवाली पर लक्ष्मी पूजन नहीं हाेने दिया...
मुन्नाराम ने बताया कि उनके रिश्तेदार और परिवार के लाेग इससे जुड़े तब धर्मांतरण के खेल का पता चला। वे अपनी प्रार्थना में लाेगाें काे इस तरह से जकड़ लेते हैं कि अगर प्रार्थना छाेड़ी ताे उनके साथ अनर्थ या अन्याय हाे जाएगा। भूत-प्रेत नुकसान पहुंचा देंगे। घराें में ये हालात पैदा किए गए कि दिवाली पर लक्ष्मीपूजन तक नहीं हाेने दिया गया।

शराब छुड़ाने के लिए सीने पर क्राॅस का निशान बनाते हैं...
झुमा देवी ने कहा- इनसे जुड़ने के बाद ये देवी-देवताओं काे छाेड़ने की बात कहते हैं। गांव-ढाणी में हाेने वाली प्रार्थना या सत्संग में महिलाओं ने अपने पति की शराब छुड़ाने का मुद्दा उठाया ताे उन्हें कहा गया कि क्राॅस का निशान उनके सीने पर बनाएं। तब लत छूट जाएगी।

हमें प्रार्थना से नहीं, भगवान काे नहीं मानने की शर्त से दिक्कत
स्थानीय निवासी जगदीश बैरवा बोले कि जीवन में दुख-दर्द का खात्मा सब चाहते हैं। ऐसे में किसी प्रार्थना या सत्संग से दिक्कत नहीं है। लेकिन वे कहते हैं कि भगवान काे मानना छोड़ना होगा। यानी ईसाई धर्म काे मानने पर हिंदू धर्म की परंपराओं से नाता ताेड़ना हाेगा।

12 से 13 जिलों में करीब 3 लाख लोग इन मंडलियों के संपर्क में : यह खेल केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में चल रहा है। धर्म जागरण मंच के अनुसार, प्रदेश के 12 से 13 जिलाें में करीब तीन लाख लाेग इन मंडलियों के संपर्क में हैं।

मैं सवाई माधाेपुर से हूं। पहले ठेकेदारी करता था। यीशु पर विश्वास है। इसलिए प्रार्थना का आयाेजन रखा था। विराेध हाेते दिखा ताे स्थगित किया। एक समय था जब मैं बीमार हुआ ताे सभी देवी-देवताओं की पूजा की। फायदा नहीं हुआ। फिर किसी ने पंजाब में यीशु की शरण में जाने के लिए कहा। तुरंत आराम आया। अब बाकी लोगों को भी प्रेरित कर रहा हूं। - पास्टर धर्मपाल बैरवा, कार्यक्रम आयोजक

प्रार्थना के बाद दानपात्र में राशि न डाली तो अनर्थ का डर बताते हैं
ईसाई धर्म के प्रचार के नाम पर ये लोग एससी या गरीब व्यक्ति काे आर्थिक मदद या काम-धंधे का लालच देते हैं। कई लोगों को मदद भी देते हैं ताकि उन्हें जाल में फंसा सकें। प्रार्थना में शामिल हाेने वाले व्यक्ति दानपात्र में जो राशि डालते हैं, वह भी धर्मांतरण के लिए काम में ली जाती है। दावा है कि ईसाई धर्म से प्रभावित लाेग खुद की आय का हिस्सा तक देते हैं। बताया जाता है कि रुपए नहीं देने पर अनर्थ हाेने का डर भी बताया जाता है।