इनोवेशन:हॉस्पिटल के वार्ड या ओटी की 15 मिनट में हो सकेगी ‘शुद्धि’, वायरस को खत्म करने बनाई मशीन

जयपुरएक वर्ष पहले
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एमएनआईटी का स्टार्टअप। - Dainik Bhaskar
एमएनआईटी का स्टार्टअप।
  • एमएनआईटी के स्टार्टअप ने वायरस खत्म करने के लिए तैयार किया अल्ट्रा वायलेट टावर

(अर्पित शर्मा) ऑपरेशन थियेटर या वार्ड या किसी भी बंद कमरे में वायरस को खत्म करने के लिए मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के स्टार्टअप ने यूवी (अल्ट्रा वायलेट) टावर तैयार किया है। दावा है कि यह हवा में मौजूद वायरस का बिना केमिकल के 15 मिनट में खात्मा करेगा।

एमएनआईटी के स्टार्टअप ऋषि अगस्त्य टेक्नोलॉजी और एमएनआईटी इनक्यूबेशन सेंटर की टीम ने इस टावर को ‘शुद्धि’ नाम दिया है। इसमें लगे 8 लैंप से 30 वाट की नियत वेवलेंट की पराबैंगनी  किरणें निकलती है जो जर्म, बैक्टीरिया, वायरस को खत्म करती है।

एमएनआईटी के डायरेक्टर प्रो. उदय कुमार यारागट्टी और इन्क्यूबेशन सेंटर के हैड प्रो. ज्योतिर्मय माथुर के प्रोत्साहन से प्रोजेक्ट के मेंटर डॉ. अरुण वर्मा के साथ स्टार्टअप के हितेश पाठक, जितेश त्रिवेदी, जनार्दन, कीर्ति मथुरिया ने सेटअप तैयार किया है।

किरणें खतरनाक इसलिए मोबाइल से होगा ऑपरेट
यूवी टावर कमरे, ऑपेरशन थियेटर, कोविड वॉर्ड के अलावा कोच, बस, पब्लिक टॉयलेट को भी संक्रमण मुक्त करने के काम मे लिया जा सकता है। लैम्प से निकलने वाली अल्ट्रा वायलेट किरणें बंद एरिया में वायरस खत्म करती हंै लेकिन यह किरणें खतरनाक होती हैं इसलिए हॉल बंद करने के बाद इसे 50 फीट दूर से ब्लूटूथ के जरिये मोबाइल से ऑपरेट किया जा सकता है।

डीआरडीओ भी ऐसा टावर तैयार कर चुका है। लेकिन एमएनआईटी में टीम इसे रोबोट की तरह मूव कराने पर रिसर्च कर रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह टावर कोरोना वायरस को भी खत्म कर सकेगा। वहीं इस बारे में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ सुधीर भंडारी का कहना है कि हम कोरोना के लिए आईसीएमआर से अप्रूवल के बिना कोई भी इक्विपमेंट यूज नही करते।

इससे पहले इसी टीम ने यूवी बॉक्स तैयार किये थे जो कुछ ही सेकंड में चाबी, मोबाइल, पर्स, चश्मा, मास्क, सर्जिकल आइटम आदि को सेनेटाइज करते हैं। एक प्राइवेट लैब की टेस्ट में 45 सेकंड में फाइल और 1 मिनट में मास्क को सेनेटाइज करने का परीक्षण हुआ है।

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