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  • The Minister mayor Is Claiming Alternatives To The Cleaning Company, Preparing To Keep The Same Company For 2 Years In The Heritage Of His Board.

निगरानी की तैयारी:मंत्री-मेयर सफाई का कचरा करने वाली कंपनी के विकल्पों का दावा कर रहे, उन्हीं के बोर्ड वाले हेरिटेज में 2 साल तक इसी कंपनी को रखने की तैयारी

जयपुरएक वर्ष पहलेलेखक: महेश शर्मा
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बीवीजी के साथ इनके यहां ही ग्रेटर से अलग करार हुआ, जिस पर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास नाराजगी जता चुके हैं। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
बीवीजी के साथ इनके यहां ही ग्रेटर से अलग करार हुआ, जिस पर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास नाराजगी जता चुके हैं। (फाइल फोटो)
  • बीवीजी के काम पर नजर रखने को 1 और कंपनी आएगी, हर गली-हर घर कचरा-मैनेजमेंट का आईटी टेक्नोलॉजी से पीछा होगा

सफाई का कचरा होने के बाद व्यवस्था को लाइन पर लाने के दावे किए जा रहे हैं। कांग्रेस बोर्ड वाले हेरिटेज निगम में बीवीजी पर निगरानी के लिए ‘आईटी बेस्ड टेक्नोलॉजी’ और दोबारा ‘इंडीपेंडेंट इंजीनियरों’ की नियुक्तिक का सहारा लिया जा रहा है। टेक्नोलॉजी से घरों से कचरा उठाने से शहर के बाहर ले जाने तक की निगरानी होगी तो इंडीपेंडेंट इंजीनियर बिलों के विवादों को देखेंगे। इसके लिए 1.42 करोड़ के टेंडर डॉक्यूमेंट तैयार हैं।

कमिश्नर अवधेश मीना खुद जिम्मेदारी लिए हुए हैं। नई व्यवस्था दो साल के लिए होगी। यह सब तब है, जब बीजेपी बोर्ड वाले ग्रेटर निगम ने कंपनी को बाहर करने का एजेंडा पास है। वहीं ब्यूरोक्रेट्स से अलग कुछ जनप्रतिनिधि भी कंपनी के विकल्प की बात सार्वजनिक कह चुके हैं।

‘कंपनी’ पर ये पहरा: गली-गली मूवमेंट पर पूरी नजर रखने की तैयारी
‘जनता के हाथ ये चाबी: सिटीजन फीडबैक एप सिस्टम कागजों में ‘सफाई’ की पूरी तैयारी कर रहा है। प्लानिंग में कमांड सेंटर और सिटीजन फीडबैक के लिए एप होगा। इसमें कोई भी गाड़ी के नहीं आने की सूचना और कचरा न उठाने की शिकायत कर सकेगा। निपटारे और पूरे चाक-चौबंद इंतजाम के आधार पर ही बिलों का भुगतान तय करेगा। एप में हर एरिया में जाने वाली गाड़ी के रूट मैप, बीट प्लानिंग की जानकारी भी होगी।

‘सिस्टम’ के लिए बीत गई सो बात गई- डीएलबी ने बनाई कमेटी, भुगतान पर ‘नो मींस नो’:
बीवीजी का आखिरी जॉइंट पेमेंट पिछले माह हेरिटेज निगम के जरिए हुआ। दो भागों में बंटा निगम की व्यवस्थाएं भी कंपनी के लिए अलग हैं। हालांकि कंपनी के इकतरफा 276 करोड़ के बकाया पर हेरिटेज कमिश्नर ने इंकार कर दिया है। डीएलबी ने दोनों निगम के मेयर-कमिश्नर के साथ कमेटी बनाई है, जो बकाए भुगतान पर अपनी रिपोर्ट देगी।

कंपनी के लिए अब हुए दो निगम, हेरिटेज ने अपना मैनेजमेंट प्लान चुना: कमिश्नर अवधेश मीना

कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए इंडीपेंडेंट इंजीनियर के साथ आईटी टेक्नोलॉजी से मॉनिटिंग करेंगे। टेंडर तैयार है। महीनेभर में फर्म का चयन होगा। रही बात दूसरे विकल्पों की तो बोर्ड में निर्णय पारित होता है तो वो होगा। तत्काल मॉनिटरिंग और बिल वेरिफाई करने के लिए सिस्टम तैयार किया है।

मैं फिर यही कहूंगी कि जब तक आर्थिक स्थिति सही नहीं है, दूसरे विकल्प कैसे तैयार किए जाएं।
-मनेश गुर्जर, मेयर

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