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2 महीने पहले बना था हिस्ट्रीशीटर की हत्या का प्लान:जुर्म की दुनिया छोड़ चुका था अजय यादव, जेल में बंद तीन बदमाशों से चल रही थी रंजिश; 30 मीटर तक दौड़ाकर की थी हत्या

जयपुर8 महीने पहले
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जयपुर में मंगलवार को हिस्ट्रीशीटर अजय यादव की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। पुलिस बुधवार को भी मामले की जांच में जुटी रही। घटना को कुल 6 बदमाशों ने अंजाम दिया। इनका पुलिस को अब तक सुराग नहीं लग सका है। जांच में सामने आया कि अजय यादव की हत्या की योजना दो महीने पहले ही बन चुकी थी। पुलिस ने उसे आगाह भी किया था। उसने बताया था कि वो अपराध की दुनिया से अलग हो चुका है।

मामले की जांच में जुटी पुलिस की स्पेशल टीमों ने अब तक 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाल लिए हैं। पुलिस को स्कूटी पर आते-जाते हुए सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। माना जा रहा है कि हत्या करने के लिए 6 बदमाश आए थे। इनमें से दो बदमाश पहले ही स्कूटी से उतर गए। पुलिस को बदमाशों का सीसीटीवी फुटेज मिला है। अब फुटेज के आधार पर पुलिस बदमाशों की पहचान में जुटी है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि अजय यादव की गैंगस्टर गगन पंडित, प्रदीप यादव, संदीप से अनबन चल रही थी। फिलहाल ये जेल में बंद है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जेल से अजय की हत्या की साजिश रची गई है। हत्या से 5 मिनट पहले मुख्य सचेतक महेश जोशी का बेटा रोहित जोशी व अनिल चौधरी मौके से रवाना हुए थे।

अजय यादव की फाइल फोटो।
अजय यादव की फाइल फोटो।

1997 में हत्या का पहला मुकदमा हुआ था दर्ज
बनीपार्क पुलिस हत्यारों को पकड़ने के साथ ही अजय का भी रिकॉर्ड खंगाल रही है। अजय के खिलाफ 1997 में हत्या के प्रयास का पहला मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा मारपीट, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास के 10 मामले दर्ज हैं। 2018 के बाद से अजय के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। वह कांग्रेस नेता महेश जोशी का खास माना जाता था। पिछले तीन साल से वह अपराध की दुनिया से बिल्कुल अलग था। उसके कई पुराने दुश्मन बदला लेने की ठान कर बैठे हुए थे।

चाय की थड़ी के पास पुलिस की टीम जांच करते हुए।
चाय की थड़ी के पास पुलिस की टीम जांच करते हुए।

दो महीने पहले मिली थी हमले की सूचना
दो महीने पहले पुलिस ने जयपुर में कई बदमाश पकड़े थे। उनसे पूछताछ में पता लगा था कि अजय यादव पर हमला हो सकता है। पुलिस ने अजय से भी पूछताछ की थी। अजय ने पुलिस को बोला था कि उसका अपराध से अब कोई नाता नहीं है। पुलिस ने अजय को संभल कर रहने की बात कहीं थी, क्योंकि पुलिस को जांच में पता लगा कि उसे मारने की साजिश हो सकती है। अजय राजनेताओं के सपंर्क में आकर दूसरे काम करने लग गया था। माना जा रहा है कि तब से ही अजय को मारने के लिए प्लानिंग शुरू हो गई थी।

30 मीटर तक दौड़ाकर की थी हत्या
अजय यादव स्कॉर्पियो में सूत मिल कालोनी में आया था। राममंदिर के पास गाड़ी खड़ी कर वह दोस्त सौरभ के साथ चाय पी रहा था। कुछ देर पहले ही सचेतक महेश जोशी का बेटा रोहित व दोस्त अनिल निकल कर गए थे। दो स्कूटी पर आए 4 बदमाशों ने पहले गाड़ी पर फायर किया। अजय गाड़ी से उतर कर भागने लगा। तब बदमाशों ने 5 राउंड फायर किए। बदमाशों की पिस्टल लॉक हो गई तो उसे पीछे भाग कर पकड़ लिया। पत्थर को सिर पर पटक दिया। स्कूटी पर वे फरार हो गए। उसे तीन गोलियां लगी थी।

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