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बड़ी लापरवाही:पुलिस ने स्टिंग कर रेमडेसिविर बरामद ताे कर लिए; ये असली है या नकली, जांच के लिए भेजे ही नहीं

जयपुर2 महीने पहले
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काेराेना संक्रमिताें के लिए संजीवनी माने जा रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के बीच जयपुर कमिश्नरेट के अधिकारियाें ने स्टिंग कर कालाबाजारी करने वाले गिराेह काे पकड़ ताे लिया, लेकिन इनसे बरामद इंजेक्शन असली है या नकली, इसकी जांच नहीं करवा रहे। इन इंजेक्शंस काे सात दिन बाद भी पुलिस ने जांच के लिए प्रदेश की एकमात्र ड्रग लैब में नहीं भेजा है। पकड़े गए आराेपियाें ने पूछताछ में कहा था कि गुड़गांव से ये इंजेक्शन 2200 रूपए प्रति इंजेक्शन की दर से खरीद कर लाए हैं, जबकि बाजार में इनकी कीमत 4200 रुपए हैं।

ऐसे में खुद पुलिस अधिकारियाें ने इन इंजेक्शन के नकली हाेने की आशंका जताकर ड्रग लैब से जांच कराने की बात कही थी। लैब में जांच करने वाले वैज्ञानिकाें के अनुसार उन्हें अभी तक जांच के लिए जयपुर पुलिस की ओर से रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिले हैं। इंजेक्शन असली है या नकली इसकी जांच महज 15 दिन में करके दे सकते हैं।

आरोपियों ने 725 इंजेक्शन खरीदे थे, पुलिस 8 ही बरामद कर पाई

जयपुर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच की सीएसटी टीम ने पिछले सप्ताह लगातार दाे दिन तक कार्रवाई कर 9 आराेपियाें काे गिरफ्तार किया था। इनके पास से पुलिस ने 8 से ज्यादा रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए थे। पुलिस टीमें जयपुर में करीब 48 जगहाें पर बाेगस ग्राहक बनकर गई थी। गिरफ्तार विक्रम गुर्जर व शंकर माली ने पूछताछ में बताया कि करीब 725 इंजेक्शन गुड़गांव से प्रति इंजेक्शन 2200 रुपए में खरीद कर लाए थे।

आधी रेट में इंजेक्शन लाने के कारण पुलिस अधिकारियाें काे शक हुआ कि कहीं इंजेक्शन नकली ताे नहीं। इसके लिए इंजेक्शन की ड्रग लैब में जांच कराने की बात कही। मगर एक सप्ताह बाद भी इंजेक्शन काे जांच के लिए नहीं भेजा। चार थानाें में दर्ज मामलाें में पुलिस ने एक-एक दाे-दाे इंजेक्शन ही जब्त किए हैं। ऐसे में जांच करने वाले पुलिस अधिकारियाें का कहना है कि आरोपियों से बरामद इंजेक्शन काे अगर ड्रग लैब में जांच के लिए भेज देंगे ताे उनके पास आराेपियाें के खिलाफ सबूत भी नहीं रहेगा कि इंजेक्शन की कालाबाजारी की है।

मास्टर माइंड काैन...पुलिस फेल
गिरफ्तार आराेपियाें से पूछताछ के बाद भी पुलिस अभी तक इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले मास्टर माइंड तक नहीं पहुंच पाई है। बदमाशाें ने इंजेक्शन गुरुग्राम से लाने की बात कही थी। पुलिस काे बदमाशों ने कुछ नाम और नंबर भी दिए, लेकिन पुलिस अभी तक खाली हाथ है।

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