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  • The Pro Sachin Candidates Said In 19 Seats, Both Our Government And The Organization Of Congress Workers Are Not Seen, Handing Over Everything On These Seats To Those Who Defeated The Congress Is Wrong.

दिल्ली में अजय माकन से मिले पायलट समथर्क मनीष यादव:पायलट समर्थक हारे हुए उम्मीदवारों ने फिर खोला मोर्चा, बोले- 19 सीटों पर सरकार और संगठन में हमारी अनदेखी हो रही

जयपुर7 महीने पहले
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AICC मुख्यालय में पायलट समर्थक मनीष यादव और सुभाष मील - Dainik Bhaskar
AICC मुख्यालय में पायलट समर्थक मनीष यादव और सुभाष मील

कांग्रेस में निर्दलियों और बसपा से आने वाले विधायकों को ज्यादा तवज्जो मिलने का मुद्दा एक बार फिर गर्मा गया है। 13 निर्दलियों और छह बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों को मिलाकर कुल 19 सीटों के हारे हुए सचिन पायलट समर्थक उम्मीदवारों ने एकजुट होकर फिर अनदेखी का मुद्दा उठाया है। आज दिल्ली में प्रदेश प्रभारी अजय माकन से पायलट समर्थक नेता और शाहपुरा से कांग्रेस उम्मीदवार रह चुके मनीष यादव ने मुलाकात करके अनदेखी का मुद्दा उठाया।

पायलट समर्थक हारे हुए 6 उम्मीदवारों ने कल दिल्ली पहुंचकर प्रभारी अजय माकन से मिलने का समय मांगा था। बाकी नेता जयुपर लौट गए थे, आज शाहपुरा से कांग्रेस उम्मीदवार रहे मनीष यादव ने पायलट समर्थक हारे हुए उम्मीदवारों के क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सत्ता-संगठन में लगातार अनदेखी की शिकायत की।

पायलट समर्थक नेता और शाहपुरा से 2018 में कांग्रेस उम्मीदवार रहे मनीष यादव और खंडेला से उम्मीदवार सुभाष मील ने कहा, '19 सीटों पर हम कांग्रेस के टिकट पर हारे, इन सीटों पर कांग्रेस को हराने वाले निर्दलीय और बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों को ही सब कुछ सौंप दिया है। इन 19 विधायकों ने सरकार का समर्थन किया तो हमने स्वागत किया, लेकिन सरकार के साथ संगठन की जिम्मेदारी भी इन इलाकों में उन्हें ही सौंप दी जिन्होंने पार्टी को हराया। जिन कार्यकर्ताओं ने सरकार बनाने में मेहनत की, कांग्रेस के लिए काम किया, उनकी लगातार अनदेखी हो रही है। उन कार्यकर्ताओं की अनेदखी होना गलत है।'

जिसने कांग्रेस के लिए काम किया आज वह अलग-थलग महसूस कर रहा

मनीष यादव ने कहा, 2018 के चुनाव में जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी के लिए मेहनत की उनकी बात लेकर हम दिल्ली आए हैं। हमारा हाईकमान से इतना ही कहना है कि 2018 में हमें टिकट देकर कांग्रेस का चेहरा बनाकर जनता में भेजा गया, लेकिन सरकार में तो अनेदखी हो ही रही है संगठन में भी लगातार हम अनेदखी के शिकार हैं। जिसने पार्टी के लिए काम किया उसका अलग थलग महसूस करना पार्टी के हित में नहीं है। हमने पहले भी सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर अपनी बात रखी थी। कांग्रेस सत्ता में है और बहुमत में है, इसके बावजूद निर्दलीयों और बसपा से आने वालों को एकतरफा सपोर्ट करना गलत है।

पायलट समर्थक नेता दिल्ली से जयपुर लौटै

अजय माकन से मिलकर सरकार और संगठन में अनदेखी का मुद्दा उठाने दिल्ली गए पायलट खेमे के हारे हुए उम्मीदवारों में से ज्यादातर जयपुर लौट गए हैं। मनीष यादव अभी भी दिल्ली ही हैं।

निर्दलियों की जयपुर में बैठक से पहले 15 नेताओं ने ​सोनिया को चिट्ठी लिखी थी

19 में से 15 हारे हुए उम्मीदवारों ने जयपुर में निर्दलीयों की बैठक से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी। चिट्ठी में भी 19 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार रहे नेताओं और पार्टी के लिए चुनावों में काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनेदखी का मुद्दा उठाया था। चिट्ठी में लिखा था कि 19 सीटों पर कार्यकर्ता ठगा सा महसूस कर रहा है।

सियासी टकराव फिर तेज होने के आसार

राजस्थान कांग्रेस में अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमों के बीच बयानबाजी की अब फिर से शुरूआत हो चुकी है। पायलट खेमे ने वापस अपनी मांगों को मुखरता के साथ उठाना शुरू किया है।

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