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खतरे की आशंका:दुकानें खुली हैं; लेकिन दुकानदारों की जांच ही नहीं, कहीं सुपर स्प्रेडर साबित नहीं हाे जाए

जयपुर11 दिन पहलेलेखक: शिव प्रकाश शर्मा
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दूसरे दाैर के काेराेना संक्रमण काल में सरकार ने रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा घाेषित कर रखा है। दुकानें खुली है, लेकिन दुकानदारों की काेराेना जांच ही नहीं हाे रही है। कहीं दुकानदार ही सुपर स्प्रेडर साबित नहीं हाे जाए। लाेगाें काे खाद्य वस्तुओं जरूरी सामान और दवाइयाें की कमी नहीं हाे इसकी सुविधा के लिए सुबह 6 से 11 बजे तक दुकानें खाेलने की अनुमति है। दुकानाें के खुलते ही लाेगाें की भीड़ पड़ती है। ऐसे में काेई भी दुकान मालिक या काम करने वाले संक्रमित हो सकते है।

गत वर्ष शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्राें में राउंड द क्लाॅक के साथ बाजाराें में फल-सब्जी विक्रेताओं, किराना व मेडिकल की दुकान पर काम करने वालाें के 28 अप्रैल से 15 जून तक सुपर स्प्रेडर की जांच का अभियान चलाया गया था। शहर के 357 अलग-अलग क्षेत्राें से 20650 दुकानदारों के सैंपल लिए गए थे। जांच के लिए गए सेंपलाें में 837 दुकानदारों काे काेराेना पाॅजीटिव पाया गया था। एक अनुमान के अनुसार संक्रमित दुकानदराें ने 3500 से अधिक लाेगाें काे संक्रमित किया था।

इधर, कोरोना पॉजिटिव पेंशनरों की डायरियो में डॉक्टर दवाइयां लिखने को मजबूर हैं। डायरी मरीज के घर में रहती है । मरीज के परिजन साथ लेकर आते है इसलिए संक्रमित रहती है। जब डायरिया उपभोक्ता संघ की दवा की दुकानों पर जाती है तो फार्मासिस्ट भी संक्रमित हो रहे हैं।

उपभोक्ता की जयपुर की 57 की दुकानों में से अधिकतर में कोरोना संक्रमित हो चुके । इस बात की सूचना उपभोक्ता संघ के एमडी को भी दी गई लेकिन कोई मदद नहीं हुई। दुकानदार ही सुपर स्प्रेडर साबित हुए।

इस समय जो दुकानें खुल रही है उन्हें एवं दुकानों के संचालकाें व काम करने वाली की जांच हाेना भी जरूरी है। सीएमएचओ काे निर्देश देकर शहर के विभिन्न क्षेत्राें में सैंपल एकत्र करने के लिए माेबाइल जांच टीम बनाई जाएगी। -अंतर सिंह नेहरा, कलेक्टर व जिला आपदा प्रबंधक

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