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गैंगरेप पीड़िता का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर बोले:‘जख्म भर जाएंगे, पर जेहन से बर्बरता नहीं जा रही, कभी ऐसी सर्जरी न करनी पड़े’

जयपुर/अलवर13 दिन पहलेलेखक: संदीप शर्मा/राजेंद्र गौतम
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अलवर में 16 साल की मूक-बधिर किशोरी गैंगरेप और बर्बरता के बाद जयपुर के जेके लोन में बेहोश है।(प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर) - Dainik Bhaskar
अलवर में 16 साल की मूक-बधिर किशोरी गैंगरेप और बर्बरता के बाद जयपुर के जेके लोन में बेहोश है।(प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

अलवर में 16 साल की मूक-बधिर किशोरी गैंगरेप और बर्बरता के बाद जयपुर के जेके लोन में बेहोश है। तीन घंटे तक ऑपरेशन कर उसकी जान बचाने वाले 7 डॉक्टर्स का कहना है कि शरीर के जख्म तो 20-25 दिन में भरने शुरू हो जाएंगे, लेकिन आत्मा पर हुए जख्म भला कैसे भरेंगे?

भास्कर ने डॉक्टर्स से बात की तो उन्होंने कहा- ‘बच्ची का चेहरा और उसकी पीड़ा नहीं भूल पा रहे। काश, कभी ऐसी सर्जरी न करनी पड़े।’ इधर, किशोरी से गैंगरेप करने वाले दरिंदों का पुलिस तीसरे दिन भी पता नहीं लगा पाई। किशोरी के साथ अस्पताल में मां, पिता और चाचा हैं। चाचा ने बताया- कभी-कभी होश में आने पर बच्ची चाची काे याद कर ‘चीची पीड़...’ कहती है। चाचा ने बताया कि वह हल्का बाेल सकती है। आराेपियाें काे पहचान भी सकती है।

जब शाम काे बालिका दिखाई नहीं दी ताे चाचा ने ही पुलिस काे फाेन किया और जानकारी दी। इसके कुछ देर बाद ही बालिका पुलिया के पास अचेतावस्था में मिली। जेके लाेन में बालिका के साथ मां भी है। साथ ही डिप्टी एसपी कीर्ति सिंह अस्पताल में बालिका के साथ है। पिता और चाचा बालिका की स्थिति देखकर यही कह रहे हैं कि जिस तरह से मेरी बेटी दर्द से तड़प रही है उसी तरह से दुष्कर्मी काे भी तड़पा तड़पा कर माैत की सजा मिले।

घटना के दिन सुबह पिता और मां अपने गांव से करीब 60 किलोमीटर दूर रिश्तेदारी में गए हुए थे। पीड़िता सुबह से ही जिद कर रही थी कि वह मामा के यहां जाएगी। घटनास्थल के पास ही लगे सीसीटीवी कैमरे में बालिका अकेली जाती हुई दिखाई दे रही है। यह फुटेज करीब साढ़े सात बजे का है। पाैने आठ से आठ बजे के बीच बालिका के बारे में सूचना मिलती है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आधे घंटे में उस रास्ते से काैन काैन गुजरे।

बच्ची की जान बचाने वाले जेके लोन के डॉक्टर्स की जुबानी... दर्द की कहानी
अलवर में दो यूनिट ब्लड चढ़ाया गया, फिर भी ब्लीडिंग काफी अधिक थी। इसी को रोकने के लिए तुरंत सर्जरी करना जरूरी था। सर्जरी से पहले भी दो यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। पीड़िता को लाए तो पल्स नहीं के बराबर थी। लाने में एक या डेढ़ घंटा देरी होती तो मुश्किल हो सकती थी। अभी और ब्लड की जरूरत है। - डॉ. अरविंद शुक्ला, अधीक्षक, जेकेलोन

बच्ची के अंदरूनी भाग में गहरे घाव थे। पेरिनियल को रिपेयर किया गया है और पेट के रास्ते मल निकास का रास्ता बनाया गया है। ऐसा इसलिए ताकि घाव जल्दी भर सकें। यदि सबकुछ सही रहा तब भी 20-25 दिन बाद घाव भरना शुरू होंगे। यूरिनल पार्ट को पूरी तरह से बंद किया गया है। कुछ दिन बेड पर रहना होगा। - डॉ. प्रमिला और गुंजन शर्मा, सर्जन

बच्ची का चेहरा, उसकी पीड़ा और बर्बरता जेहन से नहीं जा रही। किशोरी की चमड़ी पूरी तरह हट चुकी थी। गनीमत रही कि एक लेयर सुरक्षित रही, अन्यथा बच्ची को बचा पाना काफी मुश्किल हो जाता। हमने प्लास्टिक सर्जरी कर दी है, लेकिन बच्ची के काफी गहरे घाव हैं। इन्हें भरने में अभी काफी वक्त लगेगा। - डॉ. राकेश जैन, प्लास्टिक सर्जन व यूनिट हेड

15 मिनट, 600 मी. दायरे में हुई किशोरी से बर्बरता...

दिनभर पैदल घूमती रही किशोरी : 5 किमी में 7 फुटेज मिले, सभी में अकेली, आखिरी बार शाम 7:30 बजे दिखी

मूक-बधिर किशाेरी से निर्भया जैसी बर्बरता मंगलवार शाम 7:30 बजे से 7:45 बजे के बीच 600 मीटर दायरे में की गई। घटनास्थल से महज 600 मीटर दूर एक दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में 7:30 बजे किशोरी पैदल जाती दिख रही है। इसके ठीक 15 मिनट बाद वह लहूलुहान हालत में पुलिया पर मिली। ऐसे में पुलिस की जांच का दायरा 600 मीटर और 15 मिनट में वहां से गुजरने वाले लोगों और वाहनों पर टिक गया है। पुलिस ने 7 संदिग्धों व 4-5 वाहनों को चिह्नित किया है। शहर में अन्य जगह खंगालने पर 5 किमी के दायरे में 7 फुटेज मिले हैं, जिनमें किशोरी अकेले पैदल जाती दिख रही है। कयास लगाया जा रहा है कि वह अपने घर से घटनास्थल तक करीब 15-20 किमी दूर पैदल आई होग। क्योंकि वह सुबह से ही लापता थी।

दरिंदे हमारे बीच छिपे हैं, सरकार अकेले कुछ नहीं कर सकती : मंत्री
दरिंदे हमारे बीच छिपे हैं। कोई तिलक नहीं लगा है कि यह दरिंदा है। क्या पता कौन किस रूप में दरिंदा बन जाए। बालिकाओं के प्रति इज्जत और सकारात्मक पारिवारिक माहौल बनाना होगा। सरकार अकेले कुछ नहीं कर सकती। - ममता भूपेश, महिला एवं बाल विकास मंत्री

इधर, सियासत भी

प्रियंका का घेराव करने रणथंभौर पहुंचे भाजपा नेता, पुलिस ने बल प्रयोग किया
मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी काे घेरने की कोशिश की। भाजपाई विराेध दर्ज कराने रणथंभाैर के उस हाेटल तक पहुंचे जहां जन्मदिन मनाने के लिए प्रियंका ठहरी थीं। भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री अलका गुर्जर, महिला माेर्चा की प्रदेशाध्यक्ष अलका मूंदड़ा, विधायक रामलाल आदि के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया।

पुलिस के रोकने पर सड़क पर ही बैठकर नारेबाजी करने लगे। कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड को धक्का देते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इधर, राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा भी कुछ बालिकाओं को लेकर रणथंभौर रोड स्थित होटल के करीब दाे किमी पहले तक पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें राेक दिया। शुक्रवार काे किरोड़ी अलवर में सुबह 11 बजे दोषियों की गिरफ्तारी की मांग काे लेकर सर्किट हाउस से समर्थकाें के साथ जिला कलेक्ट्रेट के लिए कूच करेंगे।

जयपुर में भी प्रदर्शन : जयपुर शहर में भी भाजपा ने प्रदर्शन किया।

अलवर में वकीलाें ने की सीबीआई जांच की मांग, मुल्जिमों की पैरवी न करने का फैसला: जिला अभिभाषक संघ ने कलेक्टर काे ज्ञापन साैंपकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की। वकीलों ने प्रकरण से जुड़े मुल्जिमों की पैरवी नहीं करने की बात कही है।

सिविल राइट्स टीम आज पहुंचेगी अलवर : पुलिस मुख्यालय सिविल राइट्स टीम आज अलवर पहुंचेगी। डीजीपी एमएल लाठर ने डीआईजी डाॅ. रवि के नेतृत्व में तीन सदस्य टीम का गठन किया है।