दैनिक भास्कर की अपील:सप्ताह में एक दिन साइबर सेफ्टी पीरियड हों, पैरेंट्स भी बच्चों से शेयर करें अपने अनुभव

जयपुर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

मोबाइल गेम के कारण नागौर में हुई घटना के बाद दैनिक भास्कर की अपील पर प्रदेश के सैकड़ाें अभिभावकाें, स्कूल प्रबंधन व टीचरों ने वाट्सएप के जरिए अपने अनुभव शेयर किए हैं। ज्यादातर अभिभावकों का कहना है कि इसके लिए शिक्षा विभाग को कदम उठाना चाहिए। सायबर सेफ्टी के लिए गाइडलाइन जारी करनी चाहिए। ताकि स्कूल प्रबंधन ऑनलाइन क्लास के दौरान बच्चों को सायबर क्राइम व सायबर सुरक्षा के संबंध में जानकारी दे सकें।

अभी ऑनलाइन एजुकेशन जरूरी, लेकिन खतरनाक गेम और एप हटाते रहें

  • पाठक आशुतोष शर्मा ने कविता के जरिए समझाया कि एक पल में दुनिया बदल गई, ऑनलाइन पढ़ना बच्चों की मजबूरी बन गई। फायदे मिले, नए कायदे भी मिले, मोबाइल से पढ़ाई जंजाल बन गई। माना फिलहाल मोबाइल से ऑनलाइन पढ़ना जरूरी है, लेकिन इस नई दुनिया को अच्छे से समझना जरूरी है। बच्चे गेम के लिए आदि है तो अभिभावक उन्हें पारंपरिक खेल खिलाएं।
  • स्कूल प्रबंधन की तरफ से पैरेंट्स के लिए महीना या 15 दिन में एक पीरियड होना चाहिए ताकि उन्हें बच्चों की गतिविधि से अवगत करा सके।
  • कोटा से विष्णु पांचाल का कहना है कि सरकार, स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ अभिभावकों को भी जागरूक होना होगा। बच्चों के मोबाइल की समय-समय पर जांच करें। खतरनाक गेम और अन्य एप अनइंस्टाॅल कर दें।
  • बाड़मेर से अणदाराम भारी ने भास्कर अपील का समर्थन करते हुए बताया कि सरकार के साथ-साथ पैरेंट्स भी बच्चों के लिए सजग रहे। ऑनलाइन क्लास खत्म होने के बाद मोबाइल व लैपटॉप बच्चों से दूर रखे।
  • हनुमानगढ़ के श्रवण ने बताया कि मोबाइल व इंटरनेट टेक्नोलॉजी ने हमें कई सहूलियतें दी है। कोविड काल में इसके सहारे बच्चों की पढ़ाई चल पाई है। लेकिन इसका दूसरा पहलू खतरनाक बन गया। सरकार को रणनीति तैयार करनी चाहिए।
  • बच्चों के लिए सायबर सेफ्टी पीरियड के साथ-साथ ऑनलाइन चलने वाले गेम्स पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। ऐसे गेम्स के कारण कई बच्चे आत्महत्या तक पहुंच जाते हैं और आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। सरकार को स्कूलों के जरिए बच्चे व अभिभावकों को मोटिवेट करना चाहिए।
खबरें और भी हैं...