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रीट में चीट:मोबाइल पर डेढ़ घंटे पहले आए रीट पेपर में ‘आंसर की’ भी थी, डोटासरा बोले- पेपर की सील खुली मिलने की बात गलत है

जयपुर10 महीने पहले
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ये हैं वे 8 किरदार...जिन्होंने पेपर लीक की स्क्रिप्ट लिखी। इस पूरी कहानी में अभी और कितने पात्र हैं, उसका खुलासा बाकी है... - Dainik Bhaskar
ये हैं वे 8 किरदार...जिन्होंने पेपर लीक की स्क्रिप्ट लिखी। इस पूरी कहानी में अभी और कितने पात्र हैं, उसका खुलासा बाकी है...

राजस्थान की सबसे बड़ी ‘परीक्षा’ में गड़बड़ी की परतें उधड़ने लगी हैं। गंगापुर सिटी में जिस कांस्टेबल के मोबाइल पर परीक्षा से डेढ़ घंटे पहले पेपर आ गया था, उसे पेपर के साथ ‘आंसर की’ भी मिली थी। एसओजी और जयपुर कमिश्नरेट ने रविवार रात संजय मीणा को जगतपुरा में दबोच लिया। जबकि संजय को पेपर देने वाला मास्टरमाइंड बत्तीलाल अभी फरार है। संजय मीणा सवाई माधाेपुर में मलारणा के पास का रहने वाला है। उसने ही गंगापुर सिटी में कांस्टेबल देवेन्द्र गुर्जर काे कहा था कि दिलखुश से जाकर मिल लाे। फिर दिलखुश ने कांस्टेबल को पेपर और ‘आंसर की’ की काॅपी दी।

देवेन्द्र ने दाेनों की अपने माेबाइल से फाेटाे क्लिक करके पत्नी लक्ष्मी काे पूरा पेपर बता दिया। उसने ये पेपर अपने साथी हेडकांस्टेबल यदुवीर गुर्जर काे भी बताया। उसने भी परीक्षा देने जा रही पत्नी सीमा को पेपर दे दिया। मामला सामने आने के बाद दिलखुश व उसके साथी नाबालिग काे सवाई माधाेपुर में रविवार काे ही दबाेच लिया गया। नाबालिग ने भी रीट देने वाली अपनी दो बहनों को पेपर और आंसर की दी थी।

पर्चा किसे-किसे मिला... जांच जारी
संजय मीणा का नाम दिलखुश से पूछताछ में सामने आया। पुलिस टीमाें ने रात करीब डेढ़ बजे उसे पकड़ लिया। एटीएस एएसपी सतेंद्र सिंह ने बताया कि पेपर पहली बार कहां से लीक हुआ और कहां कहां पहुंचा, इसकी पूछताछ की जा रही है। बता दें कि रविवार को रीट की परीक्षा थी। पहली पारी की परीक्षा सुबह 10 बजे हुई थी, लेकिन सुबह 8:32 बजे ही कांस्टेबल देवेंद्र के मोबाइल पर पेपर व आंसर की आ गई थी। इसके बाद 9:40 बजे उसे गिरफ्तार किया गया। फिर उसकी पत्नी समेत 4 महिला अभ्यर्थियों काे सेंटर से ही पकड़ा गया।

बोर्ड अध्यक्ष बोले- पेपर लीक पर कमेटी की रिपोर्ट के बाद फैसला

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने गंगापुर में पुलिस कांस्टेबल के मोबाइल पर सुबह 8.32 बजे ही रीट का पेपर आने की सूचना के बाद भी अब तक पेपर आउट नहीं माना है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. डीपी जारोली ने कहा कि इस प्रकरण में अभी बोर्ड को जिला परीक्षा संचालन समिति की रिपोर्ट का इंतजार है। उसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। उधर, रीट की ओएमआर शीट से लदे वाहन प्रदेश के विभिन्न जिलों से सोमवार को भी रीट कार्यालय पहुंचे। सबसे देर से जयपुर और अलवर के केंद्रों की सामग्री बोर्ड कार्यालय पहुंची है।

एक्सपर्ट व्यू; पेपर वायरल नहीं हुआ है या नहीं...ये देखना जरूरी

रीट देने वाले 16 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पेपर लीक माना जाएगा? इसका जवाब जानने के लिए भास्कर ने राजस्थान अधीनस्थ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष नंदसिंह नरूका से बात की, तो उन्होंने कहा-पेपर लीक है या नहीं इसकी पड़ताल शिक्षा बाेर्ड की ओर से गठित कमेटी करेगी। जहां पेपर वाॅट्सअप पर मिला है, उसका असर कितना है और कितनी दूरी पर हुआ है। इसका आंकलन पुलिस रिपाेर्ट्स या जांच से हाेगा। इसके बाद उस क्षेत्र की परीक्षा फिर कराई जा सकती है।

भास्कर- जहां पेपर देरी से पहुंचा, वहां क्या करेंगे?

शिक्षा मंत्री ने कहा- अलवर के 1 सेंटर पर पर्चा देरी से पहुंचा, वहां फिर परीक्षा होगी

Q. गंगापुर सिटी में पेपर लीक मानेंगे या नहीं, इस पर राज्य सरकार क्या एक्शन ले रही है?
पेपर लीक मानेंगे या नहीं, इस पर पूरी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। गंगापुर के मामले में कुछ शिक्षकों और पुलिसकर्मियों के नाम आ रहे। इन सभी पर उचित फैसला होगा। इसमें किसी को शंका करने की जरूरत नहीं है। सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाएगा।

Q. अलवर सहित कुछ जगह देरी से पेपर पहुंचने से परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित हुए, अब क्या करेंगे?
रीट में अगर ऐसा कोई सेंटर है, जहां एक भी अभ्यर्थी परीक्षा नहीं दे पाया तो वहां फिर परीक्षा होगी। अलवर के कमला देवी महाविद्यालय ढीकवार-मांडन नीमराना में परीक्षा केंद्र में पहली पारी में ट्रैफिक जाम होने से देरी से पेपर पहुंचा। यह प्रशासनिक विफलता से हुआ। 15-20 दिन में परीक्षा फिर कराई जाएगी। इसके बाद परिणाम जारी होगा। यहां करीब 600 अभ्यर्थी हैं।

Q. पेपर की सील खुली मिलने से गड़बड़ी साबित हुई, परीक्षार्थी ठगा सा महसूस कर रहे हैं?
पेपर की सील खुली मिलने की बातें पूरी तरह गलत हैं। ऐसी कोई शिकायत भी सामने नहीं आई है। यह तो ऐसे अभ्यर्थी आरोप लगा रहे हैं, जिनकी तैयारी नहीं थी। अगर किसी को पेपर में विषय संबंधी कोई शिकायत है तो वह नोडल एजेंसी बोर्ड को लिखित में शिकायत दे। इस पर निर्णय बोर्ड ही करेगा।

Q. परीक्षाएं कराने में हम विफल क्यों हो रहे?
रीट के लिए भामाशाह और प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं को दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों ने भी सराहा। बाहर के अभ्यर्थियों का कहना था कि राजस्थान में परीक्षा नहीं रीटोत्सव का आयोजन हो रहा है। आज तक ऐसी व्यवस्थाएं नहीं देखी कि तिलक लगाकर परीक्षा देने के लिए भेज रहे हैं और खाने और रहने का इंतजाम किया जा रहा है।

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