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बीजेपी के नेताओं को राहत की सांस:कृषि कानूनों पर राजस्थान में भी विरोध झेलना पड़ा , मारपीट-काले झंडे दिखाने से लेकर चुनावाें पर दिख चुका है असर

जयपुरएक वर्ष पहले
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पूर्व विधायक प्रेमसिंह बाजोर के साथ पांच महीने पहले शाहंजहापुर बाॅर्डर के निकट किसान आंदाेलन के नाम पर प्रदर्शन कर रहे लाेगाें ने मारपीट की थी। - Dainik Bhaskar
पूर्व विधायक प्रेमसिंह बाजोर के साथ पांच महीने पहले शाहंजहापुर बाॅर्डर के निकट किसान आंदाेलन के नाम पर प्रदर्शन कर रहे लाेगाें ने मारपीट की थी।

कृषि बिलाें पर विराेध के मामले में पड़ोसी राज्याें की तुलना में राजस्थान में भी बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं तक काे किसान बिलाें पर विराेध झेलना पड़ा है। प्रदेश में हुए उपचुनावाें से लेकर पंचायत चुनावाें तक इसका विपरीत असर तक बीजेपी काे देखना पड़ा है। बीजेपी काे चुनावाें में मिली हार में केंद्रीय कृषि बिल भी कई जगह असरदार भूमिका में रहे है।

अब पीएम की ओर से कृषि बिल वापस लेने पर बीजेपी नेताओं ने राहत की सांस ली है। इससे पहले बीजेपी के केंद्रीय मंत्री, प्रदेशाध्यक्ष, विधायक से लेकर पूर्व विधायकाें के नाम शामिल रहे हैं। बीजेपी के पूर्व विधायक प्रेम सिंह बाजोर के कपड़े फाड़ने से लेकर उन्हें निर्वस्त्र करने की घटना तक हुई है। हालांकि इससे पहले पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां काे तीन जिलाें में विरोध का सामना करना पड़ चुका था।

केस-1 : बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष को दिखाए काले व हरे झंडे
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां काे पांच महीने पूर्व अलवर दाैरे पर काले व हरे झंडे दिखाए गए थे। प्रदर्शनकारियाें ने खुद काे किसान बताते हुए कहा था कि वे भाजपा का विरोध कर रहे हैं। बताया जाता है कि पूनियां गाड़ी से उतर जाते ताे उनके साथ भी दुर्व्यवहार संभव था। इससे पहले भी अजमेर व सीकर में किसान बिलाें काे लेकर विरोध हाे चुका है।

केस-2 : बाजोर के साथ मारपीट की, उनके कपड़े भी फाड़े
पूर्व विधायक और सैनिक कल्याण बाेर्ड के पूर्व अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजोर के साथ पांच महीने पहले ही शाहंजहापुर बाॅर्डर के निकट किसान आंदाेलन के नाम पर प्रदर्शन कर रहे लाेगाें ने मारपीट की। उनके कपड़े फाड़े और कार में ताेड़फाेड़ की।

केस-3 : पंजाब के पड़ोसी जिलाें के नेता भी हैं रडार पर
बीजेपी नेता सुरेंद्र पाल सिंह टीटी सहित पंजाब बाॅर्डर के जिलाें में बीजेपी के नेताओं का विरोध हाे चुका है। दाे केंद्रीय मंत्रियाें के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों काे दबाेच लिया था।

केस-4 : केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल काे भी दिखाए थे काले झंडे, जताया विरोध
रायसिंहनगर में नगर पालिका के अध्यक्ष के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल पहुंचे थे। पदमपुर रोड पर किसानाें ने मेघवाल को काले झंडे दिखाकर विरोध किया।

केस-5 : पुलिस संरक्षण में हुई धक्का-मुक्की
श्रीगंगानगर स्थित पदमपुर में भाजपा कार्यसमिति की बैठक में कुछ किसान प्रदर्शनकारी पहुंच गए और महिला से बदसलूकी की थी। इसमें कई कार्यकर्ता घायल हुए। जिला प्रभारी व नोखा विधायक बिहारीलाल विश्नोई पुलिस संरक्षण में बैठक में पहुंचे थे, लेकिन उनके साथ भी धक्का-मुक्की हुई।