नई रेंज व कमिश्नरेट प्रणाली इसी साल:तीसरा पुलिस कमिश्नरेट कोटा में होगा और अलवर पुलिस रेंज

जयपुर9 महीने पहलेलेखक: ओमप्रकाश शर्मा
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शहरों की बढ़ती आबादी के बीच कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। जयपुर व जोधपुर के बाद कोटा में भी पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की जाएगी। ऐसे ही बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए अलवर में नई पुलिस रेंज बनेगी। पुलिस मुख्यालय इसका प्रस्ताव बना रहा है। हाल में सीएम अशोक गहलोत को डीजीपी एमएल लाठर द्वारा दिए गए पुलिस विजन-2030 में इसका उल्लेख है, हालांकि इसमें अलवर व कोटा का नाम नहीं है। लेकिन कोटा व अलवर की तरफ आॅर्गनाइज क्राइम ज्यादा होने के कारण कमिश्नरेट प्रणाली व रेंज बनाया जाना तय है। कोटा कमिश्नरेट बनने पर यहां के कुछ ग्रामीण थानों को भी इसके तहत लाया जाएगा। डीजीपी एमएल लाठर ने भास्कर को बातचीत में शहरों के नाम नहीं बताए लेकिन कहा कि एक शहर में कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने और एक में नई रेंज नई बनाएंगे।

कमिश्नर प्रणाली से कोटा में....
पुलिस के अधिकार बढ़ जाएंगे। कानून व्यस्था के मुद्दों पर कमिश्नर निर्णय ले सकेगा। कलेक्टर के पास अटकी फाइलों की अनुमति का झंझट खत्म होगा। जिलाधिकारी के कई अधिकार पुलिस कमिश्नर के पास होंगे। कमिश्नर को ज्यूडिशियल पावर भी होती है। इस प्रणाली में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के लिए पुलिस ही मजिस्ट्रेट पावर का इस्तेमाल करती है।

क्या मिलेगा
पुलिस विजन के अनुसार डीआईजी व आईजी रैंक के अफसर को कमिश्नर पद पर लगाया जाएगा। दो डीसीपी, 11 एडिशनल डीसीपी, 12 एसीपी, 40 सीआई, 120 सब इंस्पेक्टर, 106 एएसआई, 331 हैडकांस्टेबल, 1405 कांस्टेबल व 150 ड्राइवर होंगे।

पुलिस रेंज से अलवर में...
जिला पुलिस, भिवाड़ी और दौसा जिले को शामिल किया जा सकता है। रेंज में एक आईजी रैंक के अफसर को नई रेंज संभालने का मौका मिलेगा। इससे पुलिस के आठ रेंज मुख्यालय हो जाएंगे।

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