राजस्थान / इस बार टिड्डी का आक्रमण बदले रूप में सामने आया, चेतावनी संगठन को मजबूत करें केंद्र: सीएम

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, फाइल फोटो। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, फाइल फोटो।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, फाइल फोटो।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, फाइल फोटो।

  • गहलोत ने कहा कि कहा कि बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंस में भी इस मामले पर ध्यान आकर्षित किया गया था

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 06:31 AM IST

जयपुर. प्रदेश में फिर से टिड्डियों का हमला शुरू हो गया है। यूएन ने चेतावनी दी है कि इस साल पिछले साल के मुकाबले दो से तीन गुना ज्यादा बड़ा हमला हो सकता है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को टिड्डी नियंत्रण को लेकर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के कलक्टरों, टिड्डी चेतावनी संगठन एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए चर्चा की। उन्होंने कहा कि बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंस में भी इस मामले पर ध्यान आकर्षित किया गया था। चूंकि टिड्डी चेतावनी संगठन का कार्य केन्द्र के अधीन है ऐसे में केन्द्र सरकार इसे और अधिक मजबूत करे तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए।
गहलोत ने कहा कि इस बार टिड्डी का आक्रमण बदले रूप में सामने आया है। टिड्डियां के कुछ दल सीमावर्ती जिलों से अजमेर, जयपुर, करौली, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर सहित अन्य जिलों में पहुंच गए हैं। हमें इन्हें नियंत्रित करने के लिए नए तौर-तरीकों से काम करना होगा। पिछले साल जब टिड्डी आक्रमण हुआ था तब टिड्डी चेतावनी संगठन के साथ ही कृषि विभाग और हमारे किसानोें ने अच्छा काम किया था। इस बार भी हमें पूरी जागरूकता के साथ प्रयास करने होंगे।
कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि 11 अप्रैल को प्रदेश में पाकिस्तानी सीमा से प्रवेश के बाद टिड्डियों के छोटे समूह अन्य जिलों में भी पहुंच गए हैं। इनसे करीब 50 हजार हैक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। हालांकि इस समय पश्चिम राजस्थान के जिलों में फसलों का समय नहीं होने से किसानों को अधिक नुकसान नहीं हुआ है। कृषि विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में पेस्टीसाइड्स उपलब्ध है। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि अफ्रीकन देशों में टिड्डियों का अत्यधिक प्रजनन हो रहा है। बड़ी संख्या में इन दलों के प्रदेश में पहुंचने की आशंका है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ टिड्डी नियंत्रण के लिए जनसहभागिता जरूरी है। कृषि विभाग के प्रमुख सचिव नरेशपाल गंगवार ने बताया कि टिडि्डयों के नियंत्रण एवं सर्वेक्षण के लिए 115 वाहनों, 600 ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर एवं 3 हजार 200 ट्रैक्टर मय पानी के टेंकर की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। वाहन किराए पर लेकर टिडि्डयों के नियंत्रण एवं सर्वेक्षण के लिए 5 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है।

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