भीलवाड़ा दंगे का सबसे बड़ा खुलासा:मृतक का भाई बोला- बदमाश जानबूझकर उलझे थे; फ़ोन पर धमकी दी, बाहर चाकू लेकर खड़े थे

जयपुर10 दिन पहले

भीलवाड़ा में हुई हिंसा की 3 घटनाओं के बाद अब शांति हैं। 10 मई की रात शास्त्रीनगर में मामूली बात पर नाबालिगों ने युवक की चाकू से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद पूरे शहर में तनाव फैल गया और बाजार बंद करा दिया गया। हालांकि पुलिस ने तुरंत तीनों नाबालिगों को पकड़ भी लिया, लेकिन एक सवाल अब भी बना हुआ है…

क्या युवक की हत्या दंगे भड़काने की सोची समझी साजिश थी?
इस सवाल का जवाब तलाशने और युवक की हत्या का सच जानने के लिए दैनिक भास्कर टीम शास्त्रीनगर में आदर्श तापड़िया(जिसकी हत्या की गई) के घर पहुंची।

टीम पहुंची ताे आदर्श के घर के बाहर टैंट लगा हुआ था। बाहर लकड़ी के तख्ते पर कुछ लोग बैठे थे। घर के अंदर से महिलाओं के रोने की आवाज आ रही थी। मौजूद लोगों ने बताया आदर्श की मां अब तक सदमे में है। बेटे को याद कर बार-बार बेहोश हो जाती है। आदर्श के छोटे भाई हनी व उसके मामा ने हमें 10 मई की रात का पूरा घटनाक्रम बताया। साथ ही भास्कर के हाथ मर्डर से पहले का एक CCTV फुटेज भी लगा, जिसमें तीनों भाई जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

आदर्श के छोटे भाई से जानबूझकर उलझे
भास्कर से बातचीत में हनी(15) ने बताया मेरे 8वीं बोर्ड के एग्जाम चल रहे हैं, दो पेपर बाकी हैं। साइंस का पेपर था लेकिन देने नहीं गया। 10 मई की रात का जिक्र छेड़ने पर हनी सहम गया। ऐसा लगा, जैसे उस डरावनी रात का हर दृश्य उसकी आंखों के सामने फिर से तैरने लगा।
बोला-10 मई को वह किराणे की दुकान पर जूस लेने जा रहा था। मोहल्ले में कुछ लड़के बैठे थे। मुझे बोले- ‘तू इतना पतला कैसे है? जूस की बोतल भी तुझसे मोटी है। एक घूंसा मारेंगे तो यहीं गिर जाएगा’। मेरी उनसे बहस हो गई। घर आकर मैंने आदर्श भैया(19) को ये बात बताई। आदर्श भैया वहां गए और उन लड़कों को समझाया। मुझे भी झगड़ा नहीं करने के लिए कहा और लौट आए।
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गलती नहीं होने पर भी आदर्श ने सॉरी बोला

हनी ने बताया-घर के आने के बाद आदर्श भैया के पास फोन आया। फोन पर कोई बदमाश था, जो आदर्श भैया को धमका रहा था। मयंक भैया(17) ने आदर्श भैया से फोन लेकर उस बदमाश से सॉरी भी बोला।

इसके बाद रात को करीब 10 बजे हम तीनों भाई जा रहे थे। आदर्श भैया थोड़ी आगे थे और मयंक भैया और मैं पीछे-पीछे चल रहे थे। तभी कुछ बदमाश लड़कों ने आदर्श भैया को मोड़ पर रोक लिया और सबक सिखाने की धमकी देने लगे।

आदर्श भैया ने मयंक भैया को फोन किया और वे दौड़कर वहां पहुंचे। मयंक भैया पहुंचे तो देखा वो बदमाश आदर्श भैया को पीट रहे थे। वे कुछ कर पाते, इससे पहले ही बदमाश लड़कों ने चाकू निकाला और आदर्श भैया के सीने में घोंप दिया। मैं वहां पहुंचा तो भैया जमीन पर गिरे हुए थे और चारों तरफ खून था। भागते हुए वहां पहुंचा तो आदर्श को खून निकल रहा था। (इतना बताने के बाद हनी अपने आंसुओं को नहीं रोक पाया और आगे कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
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मामा बोले : टारगेट कर हमला किया गया
भास्कर टीम ने आदर्श के मामा कमल कुमार से बात की तो वे बोले ‘टारगेट करके आदर्श पर हमला किया गया। झगड़े की कोई बात नही थी। दो गली छोड़ कर ही उनका मोहल्ला शुरू हो जाता है। अक्सर बच्चों को परेशान करते है। पुलिस भी कुछ नही करती है’।

कमल कुमार ने बताया परिवार पहले से संघर्ष कर रहा था। आदर्श बहुत अच्छा लड़का था। 11वीं में पढ़ रहा था। पुलिस भर्ती की भी तैयारी कर रहा था। आदर्श स्कूल से आने के बाद घर में ही किराणे की दुकान भी संभालता था।

तीन साल पहले पिता की हार्ट अटैक से मौत
कमल कुमार ने बताया आदर्श के पिता की सब्जी मंडी में बाइक रिपेयरिंग की वर्कशॉप थी। सर्विस सेंटर पर 4 मैकेनिक भी काम करते थे। उनका अच्छा काम चल रहा था। 15 अगस्त 2019 को रक्षाबंधन के दिन उन्हें साइलेंट हार्ट अटैक आया। उन्हें अस्पताल लेकर गए तो उनकी मृत्यु हो गई थी। उनकी मौत के बाद परिवार बिखर गया था। सर्विस सेंटर बंद हो गया। परिवार जैसे-तैसे संभला। पेट की भूख को शांत करने के लिए घर में ही एक किराणे की दुकान खोल ली। जिसे दोनों मां-बेटे मिलकर संभालते थे। अब आदर्श की हत्या के बाद परिवार एक बार फिर बिखर गया है।