कल से खुलेंगे तबादले:सभी विभाग अपने-अपने यहां के कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग कर सकेंगे,  ग्रेड थर्ड टीचर को करना होगा इंतजार

जयपुर3 महीने पहले
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जयपुर में शिक्षामंत्री के निवास पर शिक्षक संघ से जुड़े प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। - Dainik Bhaskar
जयपुर में शिक्षामंत्री के निवास पर शिक्षक संघ से जुड़े प्रतिनिधियों ने मुलाकात की।

राजस्थान सरकार के कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर है। सरकार ने 14 जुलाई से प्रदेश में तबादलों से बैन हटा दिया है। इसके तहत कल से प्रदेश के लगभग सभी विभाग अपने-अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग कर सकेंगे। इसके लिए कर्मचारियों से प्रशासनिक सुधार विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। तबादलों पर लगी रोक को 14 अगस्त तक के लिए हटाया गया है। इस बीच, लम्बे समय से राह देख रहे ग्रेड थर्ड टीचर अब भी शिक्षा निदेशालय से बैन हटाने की आस लगाए बैठे हैं।

पिछले दिनों प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक सरकार ने 30 सितम्बर 2019 को ट्रांसफरों पर बैन लगाया था। इसके बाद मार्च 2020 से कोरोनाकाल आने के बाद सभी गतिविधियां अस्त-व्यस्त हो गई थीं। सितम्बर-अक्टूबर में विधायकों, जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों की मांग को देखते हुए ट्रांसफरों से बैन हटाने पर विचार किया गया था। इसके लिए ​​​​​​​ ग्रेड सेकेंड और ​​​​​​​ ग्रेड फर्स्ट ​​​​​​​​​​​​​​ टीचरों से ऑनलाइन आवेदन भी मांगे गए थे, लेकिन ​​​​​​​ ग्रेड फर्स्ट​​​​​​​ टीचर्स के ट्रांसफर-पोस्टिंग के बाद ​​​​​​​ग्रेड सेकेंड ​​​​​​​के टीचर्स के तबादले नहीं किए।

इधर, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा से आज शिक्षक संघ से जुड़े प्रतिनिधियों ने जयपुर में मुलाकात भी की, जिसमें​​​​​​​ ग्रेड थर्ड और ​​​​​​​ ग्रेड सेकेंड टीचर्स के तबादले पर लगे बैन हटाने की मांग की। इस पर डोटासरा ने कहा कि नीति के आधार पर ट्रांसफर होगा। उन्होंने संकेत दिए कि इस बार बहुत सीमित संख्या में ही शिक्षा विभाग में तबादले किए जाएंगे। केवल वहीं प्राथमिकता दी जाएगी, जहां पद खाली पड़े हैं। उन्होंने ​​​​​​​ग्रेड थर्ड ​​​​​​​टीचर्स के तबादले पर कहा कि इनकी पॉलिसी पर विचार किया जा रहा है और अधिकारियों से चर्चा की जा रही है।

दूसरी लहर का असर हुआ कम

मार्च में कोरोना का असर कम होने के बाद विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने ट्रांसफर पर लगे बैन को हटाने की मांग उठाई थी। कर्मचारी संगठनों का भी इसको लेकर सरकार पर दबाव बनने लगा था। अप्रैल आते-आते कोरोना केस फिर से बढ़ने लगे। अप्रैल-मई में कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद ट्रांसफर-पोस्टिंग की भी प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। अब दूसरी लहर का असर खत्म होने लगा तो सरकार ने पाबंदी हटाई है।

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