रेलवे ने तकनीकी कारणों से अंडरपास को किया खारिज:सिविल लाइंस फाटक पर अंडरपास फिजिबल नहीं, इसलिए अब आरओबी बनेगा,18 माह में तैयार होगा

जयपुर11 दिन पहलेलेखक: भरत सिसोदिया
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सिविल लाइंस फाटक पर यात्रीभार अधिक होने और चार लाइन गुजरने के कारण अंडरपास की बजाय रेलवे ओवरब्रिज ही बनेगा। - Dainik Bhaskar
सिविल लाइंस फाटक पर यात्रीभार अधिक होने और चार लाइन गुजरने के कारण अंडरपास की बजाय रेलवे ओवरब्रिज ही बनेगा।

सिविल लाइंस फाटक पर यात्रीभार अधिक होने और चार लाइन गुजरने के कारण अंडरपास की बजाय रेलवे ओवरब्रिज ही बनेगा। यहां रसूखदारों के मैरिज गार्डन व प्रॉपर्टी होने से अंडरपास बनाने पर जोर दिया जा रहा था लेकिन रेलवे ने साफ कह दिया है कि यहां अंडरपास बनाना फिजिबल नहीं है। रेलवे ने जेडीए को पत्र लिखकर कहा है कि यहां आरओबी ही बनाएं क्योंकि चार रेलवे लाइन होने के कारण अंडरपास बनाना संभव नहीं है।

जबकि कई बड़े रसूखदार जिनकी सिविल लाइंस और जैकब रोड पर प्रॉपर्टी है, वे यहां इससे इतर दबाव बना रहे थे। इस पर जेडीए और रेलवे प्रशासन ने संयुक्त सर्वे करवाया ताकि वास्तविक स्थिति सामने आए और विकास को सही दिशा मिले। हाल ही रेलवे से मिली हरी झंडी के बाद जेडीए प्रशासन अब जल्द ही रेलवे ओवरब्रिज का काम शुरू करवाएगा।

15 साल पुरानी गंभीर चूक: स्टेशन रोड पर खासा कोठी फ्लाईओवर बने 15 साल हो गए लेकिन गलत दिशा में बनने के कारण आज तक उपयोगी नहीं हुआ। यह फ्लाईओवर एमआई रोड से कलेक्ट्रेट सर्किल की तरफ बनाया जाना था लेकिन इसकी दिशा बदल दी गई। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि जनता के पैसे का दुरुपयोग हुआ है।

फ्लाईओवर की लागत आरयूआईडीपी ने 17 अगस्त 2002 को 9 करोड़ आंकी थी। 2 साल की देरी से 29 दिसंबर 2004 तक जेडीए ने प्रोजेक्ट की लागत 12 करोड़ कर दी। 30 अप्रैल 2005 तक लागत 22 करोड़ हो गई। विशेषज्ञों ने एमआई रोड से कलेक्ट्रेट की तरफ पुल बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे कमेटी ने स्वीकार कर टेंडर भी जारी कर दिए थे लेकिन बाद में पुल की दिशा मोड़ दी गई।

रेलवे ने कहा- एक लाख से अधिक यात्री भार है इसलिए आरओबी ही बनाना जरूरी
रेलवे ने रिपोर्ट में कहा कि यहां चार रेल लाइन गुजर रही हैं इसलिए इतनी चौड़ाई में प्रीकास्ट बॉक्स मुश्किल है। सिविल लाइंस फाटक पर यातायात भार के अनुसार अंडरपास की बजाय आरओबी बने। एक लाख यातायात भार होने पर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज ही बने। अंडरपास बना तो बारिश में मुश्किल होगी

आरओबी से ट्रैफिक को मिलेगी रफ्तार
आरओबी का काम शुरू हो गया है। 18 माह में तैयार होगा। अजमेर रोड, एमआई रोड, सी-स्कीम, सिविल लाइंस, हसनपुरा-खातीपुरा से आने वाले ट्रैफिक को गति मिलेगी। होटल राजमहल के 100 मीटर आगे से शुरू होकर जैकब रोड पर अजमेर पुलिया चौराहे तक बनेगा। यह रेलवे ओवरब्रिज चार लेन का बनाया जा रहा है। -देवेंद्र गुप्ता, जेडीए डायरेक्टर इंजीनियर

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