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कोरोना महामारी:12 वर्ष तक के बच्चों को टीके की तैयारी क्योंकि 100% टीकाकरण से ही संपूर्ण सुरक्षा: अशेर

जयपुर9 दिन पहले
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  • टीकारण हो या अनलॉक- सबसे आगे रहने वाले इजराइल की हेल्थ मिनिस्ट्री के विभाग प्रमुख डॉ. अशेर सालमोन, बता रहे आगे की तैयारी
  • जब वैक्सीन डवलेपमेंट स्टेज पर थीं तब हमने भारतीय कंपनी व एस्ट्राजेनेका और अप्रेल 2020 में बात करनी शुरू की। कितना ही नुकसान हो जाएं, हम नागरिकों की क्षति नहीं होने देने चाहते थे। सरकार दृढ संकल्प किया कि चाहें जितना पैसा लगाना पड़े, हम आबादी की सुरक्षा के लिए कोई समझौता नहीं करेंगे। यह भी तय किया कि सरकार कंपनियों को मजबूत आधार स्टोर, लॉजिस्टिक की सुविधा देगी। यहां तक कि टीके से कोई रिएक्शन हो तो उसकी भी जिम्मेदारी सरकार ने अपने ऊपर ली। इसी कारण फाइजर ने हमें एक बार में पूरी वयस्क आबादी की जरूरत जितनी वैक्सीन दी। कुछ चुन्निदा लोगों को मॉर्डना लगाई गई।
  • जनता वैक्सीन से भ्रमित न हो इसके लिए माइंड मेकर्स को आगे किया गया। खुद तत्कालीन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने टीकाकरण को प्रेरित करने वाले फनी वीडियो बनाए। सबसे बड़ी बात हमने संक्रमितों, मौतों के सही आंकड़े बताए, ताकि ज्यादा लोग टीका लगाएं।
  • फाइजर की वैक्सीन तापमान के लिहाल से बहुत संवेदनशील है। पहले इसे मानइन 80 और दो सप्ताह बाद माइनस 20 के तापमान पर रखने को कहा गया। चुनौती ये भी थी कि ट्रांसपोटेशन के दौरान वायल का हिलना जोखिम भरा था। इसके लिए हमने एयरपोर्ट के पास फार्मा कंपनी में ही सेंट्रल लॉजिस्टिक सेंटर बनाया। वहीं से 400 वैक्सिनेशन सेंटर पर डोज लेकर निकलते। डीपफ्रीजर वाले वाहन में 120 घंटे बर्फ खराब हो जाता था, इसलिए हर दूसरे दिन फ्रेश सप्लाई भेजते थे। किसी सेंटर पर वैक्सीन बच जाती तो पुलिस व फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के अलावा आपात सेवा के कर्मचारियों को बुलाकर वैक्सीन लगाते थे। इससे हमारी वैक्सीन खराब नहीं
  • होती थी।
  • 16 से 18 साल के बच्चों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। 12 से 16 साल तक के बच्चों के टीकाकरण का निर्णय भी हो चुका है। 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीन के तीसरे फेज की ट्रायल का इंतजार किया जा रहा है। इस साल के अंत तक 25 लाख बच्चों को वैक्सीन लगा दी जाएगी। क्योंकि बच्चों को टीका लगाए बिना इस महामारी का अंत नहीं हो सकता।
  • हमने अपने आउटडोर स्थलों पर लोगों को मास्क से छूट की आजादी दी है। इसके बावजूद कोविड प्रोटोकॉल फॉलो करने के लिए कहा गया है। इनडोर स्थलों पर मास्क से आजादी नहीं दी गई है।

महामारी का पूर्वानुमान और चुनौतियां

हमने तैयारी जनवरी 2020 में ही शुरू कर दी थी, जब इस बीमारी के बारे में चीन से पहली खबर आई। हॉस्पिटल व पूरे तंत्र को तैयार रहने को कहा। फरवरी में पहला केस रिपोर्ट हुआ तब तक हम तैयार थे। पहला सख्त लॉकडाउन लगाया। दूसरी व तीसरी वेव ज्यादा खतरनाक थीं, लेकिन तब तक हम नेशनल ऑपरेशनल सेंटर खोल चुके थे जो राष्ट्रीय आपदा के लिए होता है। इससे कोऑर्डिनेशन और रेस्पॉन्स बहुत तेज हुआ।

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