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नाथी का बाड़ा के बाद अब खाला का बाड़ा...:उपनेता प्रतिपक्ष का वीडियो सामने आया, इसमें राठौड़ बोल रहे हैं- तुम्हारे नेताजी को एक शब्द नहीं बोलने दूंगा, खालाजी का बाड़ा नहीं है यह

जयपुर9 महीने पहले
उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा- फाइल

सियासी हलकों में नाथी के बाड़ा के बाद अब खालाजी का बाड़ा की भी एंट्री हो गई है। शिक्षा मंत्री के बाद अब उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें राठौड़ खालाजी का बाड़ा...का जिक्र कर रहे हैं। यह वीडियो सुजानगढ़ उपचुनावों में प्रचार का बताया जा रहा है। इसमें राठौड़ कहते सुनाई दे रहे हैं- मेरी बात सुन लेना, तुम्हारे नेताजी को मैं मुंह से एक शब्द नहीं निकालने दूंगा। खालाजी का बाड़ा नहीं है यह। ये कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद...आ गया न असली चेहरा।

बताया जा रहा है कि राठौड़ सुजानगढ़ में छोटी नुक्कड़ सभा में भाषण दे रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने कांग्रेस के पक्ष में नारेबाजी कर दी। नाराज राठौड़ ने तब कहा कि यह खालाजी का बाड़ा नहीं है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने पिछले दिनों खुद के घर पर आए लैक्चरर्स को फटकारते हुए कहा था बिना समय लिए कैसे आए। नाथी का बाड़ा समझ लिया इसको। इस विवाद के बीच अब उपनेता प्रतिपक्ष का खालाजी का बाड़ा का वीडियो सामने आने के बाद दोनों चीजें जुड़ गई हैं।

डोटासरा का तंज- यह खाला का अपमान और चुनावी हार की बौखलाहट
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राठौड़ पर पलटवार करते हुए कहा- मैंने तो स्कूल समय में शिक्षकों के ज्ञापन देने आने पर छात्र हित में लैक्चरर्स को चेताया था। राजेंद्र राठौड़ कांग्रेस के पक्ष में नारे लगने से ही इतनी बौखला गए। यह खाला का अपमान है और चुनावी हार की बौखलाहट भी है।

नाथी का बाड़ा और खालाजी का बाड़ा दोनों ही उदारता के प्रतीक
नाथी का बाड़ा और खालाजी का बाड़ा दोनों ​ही शब्द मारवाड़ और शेखावाटी क्षेत्र में रोजमर्रा की बोलचाल में खूब इस्तेमाल होते हैं। इन दोनों ही शब्दों का प्रयोग अति उदारता के लिए प्रयोग किया जाता है। यह अलग बात है कि दोनों नेताओं ने जिस तरह इन शब्दों का किया वहां उदारता कहीं दूर दूर तक नहीं थी। दोनों शब्दों के ऐतिहासिक संदर्भ भी हैं।

उपचुनावों में अब तक नाथी का बाड़ा चर्चा में था, अब खाला का बाड़ा भी सियासी चर्चा में
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने जिस तरह ज्ञापन देने आए लैक्चरर्स को फटकारते हुए सस्पेंड करने और खुद के घर को नाथी का बाड़ा समझने की बात कही थी। उसका कई शिक्षक संगठन विरोध कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने डोटासरा पर जमकर निशाना साधा। उपचुनावों के प्रचार अभियान से लेकर सोशल मीडिया तक नाथी का बाड़ा छाया हुआ है। अब इसमें खाला के बाड़े की भी चर्चा शुरू हो गई है।

खाला का बाड़ा से ध्यान डायवर्ट लेकिन नाथी का बाड़ा विवाद से कांग्रेस को सियासी नुकसान
नाथी का बाड़ा फैक्टर की सियासी काट खाला का बाड़ा से होना संभव नहीं है। कांग्रेस के रणनीतिकार इस बात से जरूर खुश हैं कि अब तक डोटासरा ही निशाने पर थे अब राठौड़ भी चर्चा में आ गए हैं। इसलिए कुछ ध्यान डायवर्ट होगा। उधर, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नाथी का बाड़ा फैक्टर कांग्रेस को उपचुनाव में नुकसान पहुंचा सकता है। डोटासरा के खिलाफ कई नाराज शिक्षक संगठन भी मोर्चा खोले हुए हैं।

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