विटामिन-डी की कमी:गर्भवती में विटामिन-डी की कमी ‘नवजात’ पर भारी, 102 नवजात में से 88 में विटामिन-डी का लेवल कम मिला

जयपुर5 महीने पहलेलेखक: सुरेन्द्र स्वामी
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अध्ययन नवजात की मृत्युदर को कम करने के लिए किया है।  - Dainik Bhaskar
अध्ययन नवजात की मृत्युदर को कम करने के लिए किया है। 
  • गर्भ में पल रहे भ्रूण को निर्धारित मात्रा में विटामिन-डी नहीं मिला तो इकोलाई, स्ट्रेप्टोकॉकस, क्लेबसेला जैसे संक्रमण का शिकार

गर्भवती में विटामिन-डी की कमी नवजात पर भारी पड़ सकती है। विटामिन-डी की कमी से 72 घंटे के भीतर ही संक्रमण फैल सकता है और जान जाने का खतरा बना रहता है। इकोलाई, स्ट्रेप्टोकॉकस, क्लेबसेला, स्टेफाइलोकॉक, एसीनोबेक्टर, हिमोफीलस, स्यूडोमोनास, एंटेरोबेक्टर जैसे संक्रमण से सांस लेने में तकलीफ, शरीर का नीला पड़ना, दूध कम पीना, बुखार आना, निमोनिया, मेनिन्जाइटिस का खतरा बना रहता है।

ये ही नहीं 102 नवजात में से 88 में विटामिन-डी का लेवल सामान्य से कम पाया गया। सामान्यतः गर्भवती महिला में विटामिन-डी का लेवल 30 नेनोग्राम प्रति मिलीलीटर से ज्यादा होना चाहिए। यह खुलासा एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े जेके लोन अस्पताल में 102 नवजात पर किए गए अध्ययन में हुआ है। शोध करने वाले डॉ.कैलाश मीना, डॉ.सुनील गोठवाल, डॉ.विजेन्द्र, डॉ.बलबीर का राष्ट्रीय स्तर के शोध पत्र में जुलाई -2021 में प्रकाशित हो चुका है। अध्ययन नवजात की मृत्युदर को कम करने के लिए किया है।

एक दिन में 6000 आईयू विटामिन-डी
महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट की अधीक्षक डॉ.आशा वर्मा के अनुसार गर्भवती को 1 दिन में 6000 आईयू विटामिन- डी की जरूरत होती है। गर्भवती मां का विटामिन-डी स्तर भ्रूण की हड्डी और फेफड़ों के विकास, अस्थमा और इम्युनिटी को प्रभावित करता है। शरीर में कम विटामिन डी के कारण मां और भ्रूण में प्री-एक्लेमप्सिया, कम वजनी, गर्भावस्था में अनियंत्रित ग्लूकोज लेवल, हाइपोकैलेमिक लक्षण, नवजात में स्केलटल विकास संबंधी दिक्कत, भ्रूण में फेफड़ों के विकास के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना।

80 से 90 फीसदी गर्भवती शिकार
देश में किए गए विभिन्न अध्ययनों के अनुसार 80 से 90 फीसदी गर्भवती महिला विटामिन-डी का शिकार है। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में विटामिन-डी एंड कैल्शियम निशुल्क उपलब्ध है।

किस अस्पताल में कितने नवजातों की हुई मौत

80 से 90 फीसदी गर्भवती शिकार
देश में किए गए विभिन्न अध्ययनों के अनुसार 80 से 90 फीसदी गर्भवती महिला विटामिन-डी का शिकार है। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में विटामिन-डी एंड कैल्शियम निशुल्क उपलब्ध है।

गर्भवती से नवजात में ऐसे फैलता है संक्रमण

गर्भवती में विटामिन-डी की कमी होने से पेट में पल रहे नवजात को भी कम मिलेगा। जिससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होगी। इम्युनिटी कम होने से संक्रमण के साथ-साथ अनेक बीमारियों की गिरफ्त में आ सकता है।

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