डॉ. एसएस राणावत पर बीजेपी-कांग्रेस की सरकारों में रही मेहरबानी:लाइफ लाइन में 5 करोड़ के दवा खरीद घोटाले में दोषी थे, कार्रवाई की बजाय अधीक्षक बना दिए गए

जयपुर2 महीने पहलेलेखक: नरेश वशिष्ठ
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जयपुरिया अस्पताल के अधीक्षक पद से हटाए गए डॉ. एसएस राणावत पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों सरकारों में मंत्रियों की मेहरबानी रही। - Dainik Bhaskar
जयपुरिया अस्पताल के अधीक्षक पद से हटाए गए डॉ. एसएस राणावत पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों सरकारों में मंत्रियों की मेहरबानी रही।

जयपुरिया अस्पताल के अधीक्षक पद से हटाए गए डॉ. एसएस राणावत पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों सरकारों में मंत्रियों की मेहरबानी रही। एसएमएस की लाइफ लाइन में तीन साल पहले 5 करोड़ के दवा खरीद घोटाले में डॉ. राणावत की मुख्य भूमिका थी। घोटाले की जांच पांच वित्तीय सलाहकारों की हाईपावर कमेटी ने की थी। कमेटी ने राणावत सहित 6 लोगों को दोषी माना था।

दूसरी ओर, लाइफ लाइन में दवा खरीद घोटाले को दबाने के लिए लगाई गई आग में भी डॉ. राणावत की भूमिका पर सवाल उठे थे। हालांकि कार्रवाई तो नहीं हुई बल्कि जयपुरिया के अधीक्षक का पद दे दिया। तब राणावत एसएमस के उपाधीक्षक और आरएमसी के रजिस्ट्रार के साथ-साथ दवा खरीद प्रभारी भी थे। सह प्रभारी डॉ. प्रभात सराफ थे, जो बीजेपी के एक नेता के रिश्तेदार हैं।

चिकित्सा मंत्री ने दावा किया था कि दोषियों को बख्शेंगे नहीं
चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा पहली बार एसएमएस के निरीक्षण पर आए थे तो कहा था कि लाइफ लाइन में दवा खरीद में हुए घोटाला में पाए गए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद भी मंत्री कार्रवाई करने की अपेक्षा राणावत को जयपुरिया अस्पताल के अधीक्षक पद पर नवाज दिया।

महिला के बयान के बाद हो सकती है राणावत की गिरफ्तारी
पुलिस ने महिला कर्मी और उनके पति के बयानों के बारे में पीड़िता को पत्र लिखा है। जानकारों का मानना है कि दोनों के बयान होने के बाद राणावत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और गिरफ्तारी भी हो सकती है। ऐसे में अब डॉ. राणावत चारों ओर से घिरते नजर आ रहे हैं।

एक को शिकायत लेकिन 6 अक्टूबर को कार्रवाई
डॉ. राणावत ने महिला कर्मी से 1 अक्टूबर को अश्लील हरकत की। 2 अक्टूबर को महिला ने मेडिकल प्रिंसिपल सेक्रटरी को शिकायत की। फिर भी डॉ. राणावत पर 6 अक्टूबर को कार्रवाई हुई।

आरएमसी रजिस्ट्रार के पद से नहीं हटाए गए
डॉ. राणावत आरएमसी रजिस्ट्रार पद से नहीं हटाए गए हैं। काउंसिल में 55 हजार रजिस्टर्ड डॉक्टर हैं। काेई डॉक्टर गलत काम करता है ताे आरएमसी कार्रवाई कर सकती है।

विभाग इस बार का परीक्षण करवा रहा है कि आरएमसी रजिस्ट्रार पद पर राणावत काे रखा जाए या नहीं। इस पर शुक्रवार काे निर्णय हाे जाएगा।-वैभव गालरिया, चिकित्सा सचिव

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