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ऑक्सीजन कम दे रहा केंद्र:हमें रोज 380 टन ऑक्सीजन चाहिए- 265 टन ही मिल रही, गहलोत बोले- एक्टिव केस के हिसाब से ही ऑक्सीजन दे केंद्र

जयपुर6 महीने पहले
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राजस्थान में कोरोना कहर बरपा रहा है। गुरुवार को एक्टिव रोगी 1,69,519 तक पहुंच गए। यानी ऑक्सीजन की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। बावजूद इसके केंद्र ऑक्सीजन देने में अब भी भेदभाव कर रहा है। भाजपा शासित राज्यों मप्र और गुजरात में राजस्थान के मुकाबले कम एक्टिव रोगी हैं, फिर भी केंद्र उन्हें ज्यादा ऑक्सीजन दे रहा है। 29 अप्रैल को जारी ताजा आवंटन सूची के मुताबिक मप्र को 649 टन और गुजरात को 975 टन ऑक्सीजन दी गई है। जबकि राजस्थान को महज 265 टन का आंवटन हुआ है।

यह बंटवारा तब है, जब मप्र में 92773 और गुजरात में 1,37,794 एक्टिव केस हैं, जो राजस्थान के मुकाबले काफी कम है। मौजूदा हालात देखते हुए प्रदेश को रोज 380 टन ऑक्सीजन की जरूरत है। लेकिन केंद्र के कोटे से उसे 115 टन कम ऑक्सीजन दी जा रही है। स्थानीय संसाधनों से प्रदेश को 40 टन ऑक्सीजन मिल पा रही है। 7 दिन पहले यानी 22 अप्रैल को भी केंद्र ने इसी तरह राजस्थान को महज 80 टन ऑक्सीजन आवंटित की थी, जो गुजरात व मप्र के मुकाबले कम थी। इस पर सीएम अशोक गहलोत ने केंद्र पर भेदभाव करने का आरोप लगाया था।

सीएम ने गुरुवार को सोशल मीडिया के जरिए बताया कि मैंने टेलीफोन से वार्ता कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, पीएम के प्रमुख सचिव पीके मिश्र और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल को प्रदेश में ऑक्सीजन एवं दवाओं की कमी से अवगत करवाया। साथ ही सभी से अनुरोध किया कि प्रदेश को एक्टिव केस की संख्या के अनुपात में ऑक्सीजन एवं जरूरी दवाएं उपलब्ध कराएं। देश में कोरोना के कुल एक्टिव केसों में से 5% मरीज राजस्थान में हैं, लेकिन केंद्र ने कुल उत्पादित ऑक्सीजन में प्रदेश को केवल 1.6 फीसदी कोटा ही दे रखा है।

केंद्रीय मंत्री मेघवाल का पलटवार, कहा- ऑक्सीजन देने का सिर्फ एक ही पैमाना नहीं

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने केंद्र पर भेदभाव के आरोपों को लेकर बुधवार को पलटवार किया था। कहा- ऑक्सीजन देने में राज्यों की आवश्यकता ही एकमात्र पैरामीटर नहीं है। कितने अस्पताल ऑक्सीजन की पाइपलाइन से इक्विप्ड हैं, यह भी एक पैरामीटर है। राजस्थान ने अपने अस्पतालों को ऑक्सीजन पाइपलाइन से इक्विप्ड नहीं किया। गुजरात ने कर दिया। इसलिए गुजरात को ज्यादा ऑक्सीजन दी गई।

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