डॉक्टर साहब अनफ्रेंड...:सोशल मीडिया पर दवा और सलाह नहीं दे पाएंगे डॉक्टर्स; एनएमसी का ड्राफ्ट जारी

जयपुर3 महीने पहलेलेखक: पूजा शर्मा
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डॉक्टरों को सोशल मीडिया से दूरी बनानी होगी। मरीजों की तस्वीरें, उनकी रिपोर्ट नहीं पोस्ट कर सकेंगे। - Dainik Bhaskar
डॉक्टरों को सोशल मीडिया से दूरी बनानी होगी। मरीजों की तस्वीरें, उनकी रिपोर्ट नहीं पोस्ट कर सकेंगे।

डॉक्टर अब सोशल मीडिया पर न दवा बता पाएंगे और न मरीजों को सलाह दे सकेंगे। उन्हें सोशल मीडिया पर लाइक्स, फॉलोअर्स खरीदने तथा सर्च एल्गोरिद्म में नाम टॉप पर दिखने के लिए पैसा खर्च करने से भी बचना होगा। डॉक्टरों के बारे में मरीजों की राय या उनके रिव्यू भी शेयर नहीं किए जा सकेंगे।

इसके अलावा इलाज के बाद ठीक हुए मरीजों की जानकारी या सर्जरी के वीडियो और फोटो शेयर करने से बचना होगा। यह निर्देश एनमएसी की ओर से सोमवार को जारी मेडिकल प्रैक्टिश्नर (प्रोफेशनल) कंडक्ट रेग्युलेशंस में शामिल हैं।

104 पेज के ड्राफ्ट में रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर्स के पेशेवर व्यवहार से जुड़े नियम

  • विदेश से पढ़कर लौटे प्रैक्टिस के इच्छुक डॉक्टर्स एनएमसी की ओर से अनुमोदित उपाधि ही लगा सकेंगे। पहले रूस से लौटे एमबीबीएस डॉक्टर नाम के साथ एमडी लगा लेते थे। रूस में एमबीबीएस डिग्री को एमडी कहा जाता है। अब ऐसा नहीं होगा।
  • आयुर्वेद और मॉर्डन मेडिसिन की प्रैक्टिस करने के पात्र डॉक्टर एक ही प्रैक्टिस कर सकेंगे। ऐसा क्रॉसपैथी रोकने के लिए किया है।
  • आईएमए स्टैंडिंग कमेटी ऑन जूनियर डाॅक्टर्स के सदस्य डॉ. शंकुल द्विवेदी ने बताया, टेलिमेडिसिन के लिए लिखित मंजूरी लेनी होगी। मरीज की उम्र 18 साल से कम है तो अभिभावकों की मंजूरी जरूरी।
  • मेडिकल रिकॉर्ड्स 5 दिन तक उपलब्ध कराए जा सकेंगे। पहले यह अवधि 72 घंटे ही थी।
  • सोशल मीडिया पर प्रमाणित जानकारी ही साझा करेंगे। इलाज की चर्चा नहीं होेगी। मरीज डॉक्टर तक सोशल मीडिया से पहुंचता है तो टेलिमेडिसिन कंसल्टेशन या व्यक्तिगत परामर्श देना होगा। डॉक्टर मरीजों की तस्वीर और उनकी रिपोर्ट सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं कर सकेंगे।