एजुकेशन:राजस्थान में दो साल के अंदर ही इंजीनियरिंग की 16 हजार सीटें कम हुईं...15 कॉलेज बंद हाे गए

जयपुर15 दिन पहलेलेखक: अर्पित शर्मा
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छात्र, फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
छात्र, फाइल फोटो।

राजस्थान में दाे साल में इंजीनियरिंग की 16 हजार से ज्यादा सीटें ताे कम हुई ही, बची हुई सीटाें पर एडमिशन भी आधे से कम रह गए हैं। वहीं छात्र नहीं मिलने की वजह से बीई/ बीटेक कराने वाले 15 से ज्यादा प्राइवेट काॅलेज भी बंद हाे गए। 2019 में जहां प्रदेश में 40,305 सीटें थीं, 2020 में 33,912 और इस बार 24,074 रह गईं। पिछले साल 12,219 छात्राें ने ही एडमिशन लिया था। ऐसे ही पाॅलिटेक्निक काेर्सेज में भी छात्राें की संख्या कम हाे रही है।

प्रदेश के 130 संस्थानाें में पिछले सेशन में 29,779 सीटाें पर करीब 10 हजार छात्राें ने एडमिशन लिया था। बता दें कि प्रदेश में इंजीनियरिंग काॅलेजाें में रीप (राजस्थान इंजीनियरिंग एडमिशन प्राेसेस) से बीई/ बीटेक में एडमिशन हाेते हैं। सितंबर में रीप में ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसमें मेरिट के आधार पर काॅलेज अलाॅट किए जाते हैं।

एक्सपर्ट व्यू; एडमिशन नहीं होने से कई कॉलेजों ने बंद कर दीं ब्रांच

एजुकेशन एक्सपर्ट पुनीत शर्मा ने बताया कि किसी भी इंजीनियरिंग की ब्रांच में एडमिशन नहीं होने पर ब्रांच बंद कर दी गई या जिनमें कम एडमिशन हुए हैं उनमें सीटें कम करवा ली गई है। 15 कॉलेज बंद हुए हैं और रोजगार के अवसर ध्यान में रखते हुए कई कॉलेजों ने पुरानी ब्रांचेज में सीटें कम कराई हैं। दूसरा पक्ष ये भी है कि नई इमर्जिंग ब्रांचेज में करीब 1 हजार सीटें आई हैं। फीडबैक अच्छा आया तो आगे सीटें भी बढ़ेगी।

कुछ सालाें में प्लेसमेंट पर फर्क पड़ा है। इससे भी सीटें और छात्र कम हाे रहे हैं, वहीं प्राइवेट काॅलेज भी बंद हुए। सरकार की ओर से शुरू नए काॅलेजाें में अब इमर्जिंग सब्जेक्ट्स, जाॅब ओरिएंटेड काेर्स शुरू हाेंगे।-एन एल मीणा, सचिव उच्च एवं तकनीकि शिक्षा

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