एसएमएस अस्पताल में चौंकाने वाला मामला:बिना फंगस 15 की रोशनी गई, 40 को लकवा, वजह- कोरोना का खतरनाक डेल्टा वैरिएंट

जयपुरएक वर्ष पहलेलेखक: सुरेन्द्र स्वामी
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डाॅ. भंडारी के अनुसार, अब टिश्यू का सैंपल लेकर माइक्रोस्कोप से जांच करेंगे। खून की धमनियों में खून का थक्का जमने और फंगस अंदर है या नहीं। - Dainik Bhaskar
डाॅ. भंडारी के अनुसार, अब टिश्यू का सैंपल लेकर माइक्रोस्कोप से जांच करेंगे। खून की धमनियों में खून का थक्का जमने और फंगस अंदर है या नहीं।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण ढलान पर है, लेकिन इसी बीच एसएमएस अस्पताल में चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। यहां भर्ती 15 मरीजों को आंख में दर्द, सूजन, पानी आना, एक ही चीज दो-दो दिखाई देना जैसे लक्षण थे, लेकिन जांच के दौरान इनमें ब्लैक फंगस नहीं मिला। ऐसे में इन्हें आंखों की रोशनी से हाथ धोना पड़ा। इसी तरह से दिमाग में खून की सप्लाई कम होने की वजह से 40 मरीज पैरालिसिस या स्ट्रोक का शिकार हो गए।

इसके पीछे वजह है- कोरोना का खतरनाक डेल्टा वैरिएंट। ऐसे मामलों को देखकर डॉक्टर भी हैरान है। डॉक्टरों का कहना है कि डेल्टा वैरिएंट तो इसकी वजह हो ही सकता है... इसके अलावा ये भी माना जा रहा है कि खून का प्रवाह कम होने की वजह से नाक व साइनस में फंगस हो रहा है। अब एसएमएस इसका अध्ययन करने जा रहा है। ताकि इसके पीछे की सही वजह पता चल सके।

एक्सपर्ट बोले- डेल्टा की वजह से रक्त प्रवाह बंद हो जाता है.. इससे दिखना बंद हो जाता है, दिमान में खून की कमी से स्ट्रोक का खतरा
एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी के अनुसार कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन डेल्टा वेरिएंट की वजह से खून में थक्के जम सकते हैं। इसकी वजह से आंख की धमनी में खून का प्रवाह बंद होने की वजह से दिखाई देना बंद हो सकता है। दिमाग में खून की आपूर्ति कम होने से पैरालिसिस या स्ट्रोक हो सकता है। जिनकी आंखों की रोशनी गई, अच्छी बात यह है कि उन्हें बचाने में कामयाब हो गए।

कोविड के बाद लंबे समय तक खून को पतला करने की दवा देनी चाहिए
एसएमएस के म्यूकर माइकोसिस बोर्ड के कन्वीनर डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने बताया कि आंख व दिमाग में फंगस नहीं था, फिर भी दिखाई देना कम हो गया। कुछ मरीज पैरालिसिस का भी शिकार हो गए। कोविड के बाद लंबे समय तक खून को पतला करने वाली दवा देनी चाहिए।

कोरोना के दौरान आंख और सिर दर्द नजरअंदाज न करें
डॉक्टरों के अनुसार कोरोना के बाद आंख दर्द, सिर दर्द जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। दरअसल, ठीक होने के बाद फंगल इंफेक्शन पहले साइनस फिर आंखों और दिमाग में पहुंचता है।