कार्रवाई में ‘मिलावट’:एफएसओ जिस व्यापारी के यहां सैंपल लेंगे, बिना उसके फीडबैक के जांच नहीं हो सकेगी

जयपुर4 महीने पहलेलेखक: सुरेन्द्र स्वामी
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 व्यापारी फॉर्म भरने की स्थिति में नहीं है तो मौके पर मौजूद दो गवाहों के हस्ताक्षर करवाने होंगे - Dainik Bhaskar
 व्यापारी फॉर्म भरने की स्थिति में नहीं है तो मौके पर मौजूद दो गवाहों के हस्ताक्षर करवाने होंगे

फूड सेफ्टी के नए नियमों के कारण अब कार्रवाई में मिलावट होनी तय है। अब खाद्य पदार्थों का सैंपल लेने वाले खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को उसी व्यापारी से फीडबैक फॉर्म भी भरवाना होगा। जब तक फीडबैक फॉर्म नहीं जमा होगा तब तक फूड सैंपल जांच के लिए लैब नहीं लेंगे। किसी कारणवश व्यापारी फीडबैक फॉर्म भरने की स्थिति में नहीं होगा तो एफएसओ मौके पर उपलब्ध दो गवाहों से हस्ताक्षर कराकर नाम और मोबाइल नंबर के साथ फीडबैक फॉर्म को जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में जमा कराएंगे। इतना ही नहीं, खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच करने वाली लैब में सैंपल फीडबैक फॉर्म देने पर ही लिया जाएगा। लैब प्रभारी को समस्त फीड बैक फॉर्म को कमिश्नरेट फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोल में जमा कराना पड़ेगा।

आदेश पर सवाल...सैंपल में मिलावट पर व्यापारी क्यों फीडबैक देगा
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (ग्रुप-3) के संयुक्त शासन सचिव नरेन्द्र कुमार बंसल की ओर से भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 एवं नियम -2011 के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लिए जा रहे एनफोर्समेंट सैंपल के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड आथॉरिटी ऑफ इंडिया की धारा-39 के तहत फीडबैक फॉर्म में खाद्य व्यापारी का नाम, नमूना संख्या एवं खाद्य पदार्थ का नाम, फर्म का नाम, पता और

मोबाइल नंबर , खाद्य व्यापारी का आधार नंबर और अंत में खाद्य सुरक्षा अधिकारी की ओर से की गई कार्रवाई के संबंध में व्यापारी अपना पक्ष रखेगा। इसके बाद ही जांच हो सकेगी।

  • फूड सेफ्टी कमिश्नर सुनील शर्मा का कहना है कि दो-तीन से छुट्टी पर चल रहा हूं। कल ऑफिस आने पर ही पता चलेगा।