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महिला दिवस कल:न्याय पालिका में महिलाएं; आजादी के बाद से सुप्रीम कोर्ट में छह और राजस्थान हाईकोर्ट में दस महिलाएं ही बन सकीं जज

जयपुर9 महीने पहलेलेखक: संजीव शर्मा
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देशभर में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के 1,113 जजों में महिला जज महज 80 हैं, जो केवल 7.2 प्रतिशत ही है। - Dainik Bhaskar
देशभर में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के 1,113 जजों में महिला जज महज 80 हैं, जो केवल 7.2 प्रतिशत ही है।
  • सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल 30 जजों में सिर्फ दो महिला जज, राजस्थान हाईकोर्ट में 23 जजों में एक ही महिला जज

आजादी के बाद से अब तक सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में महिला जजों की संख्या नहीं बढ़ सकी है। सुप्रीम कोर्ट में केवल 6 महिलाएं ही जज बन पाई हैं, वहीं राजस्थान हाईकोर्ट में 72 साल में दस महिलाएं ही जज बन सकी हैं। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट में तीस में से दो महिला जज जस्टिस इन्दु मल्होत्रा व जस्टिस इन्द्रा बनर्जी हैं।

इन्दु मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट में वकील कोटे से बनने वाली पहली महिला जज हैं जबकि सुप्रीम कोर्ट में पहली महिला जज एम फातिमा बीबी की नियुक्ति 1989 में हुई थी। राजस्थान हाईकोर्ट में 23 जजों में एक ही महिला जज जस्टिस सबीना ही हैं। राजस्थान में प्रदेश की कोई भी महिला वकील जज नहीं बन पाई है। हालांकि हाईकोर्ट को जल्द ही दो महिला जज मिल सकती हैं। न्यायिक अधिकारी कोटे से संगीता शर्मा व शुभा मेहता को जज बनाने की सिफारिश कॉलेजियम में लंबित है।

सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट में मौजूदा जजों की बात करें तो सुप्रीम व हाईकोर्ट के 1113 जजों में से केवल 80 महिलाएं ही जज हैं जो कुल सिर्फ 7.2% प्रतिशत ही है। निचली कोर्ट में राहत, यहां 400 न्यायिक अधिकारी महिलाएं: निचली कोर्ट में उच्च न्यायिक व न्यायिक सेवा में 400 न्यायिक अधिकारी हैं। पिछले सालों से न्यायिक सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी में बढ़ोतरी हुई है।

हमारे लिए गौरव... ये महिलाएं रही हैं राजस्थान हाईकोर्ट की न्यायाधीश
1. कांता कुमारी भटनागर: हाईकोर्ट में जस्टिस कांता कुमारी भटनागर 26 सितंबर 1978 से 14 जून 1992 तक रहीं। इसके बाद उन्हें मद्रास हाईकोर्ट में सीजे बनाया गया।
2. जस्टिस मोहिनी कपूर: जस्टिस मोहिनी कपूर हाईकोर्ट मे 13 जुलाई 1985 से लेकर 17 नवंबर 1995 तक कार्यरत रहीं।
3. जस्टिस ज्ञानसुधा मिश्रा: जस्टिस ज्ञानसुधा मिश्रा हाईकोर्ट में 21 अप्रैल 1994 से 12 जुलाई 2008 तक रही। इसके बाद झारखंड हाईकोर्ट की सीजे बनीं। बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया।
4. जस्टिस मीना वी. गोम्बर: जस्टिस मीना वी. गोम्बर हाईकोर्ट में 29 सितंबर 2009 को हुई और वे 30 जुलाई 2013 को रिटायर हुईं।
5. जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी: जस्टिस बेला एम.त्रिवेदी को राजस्थान हाईकोर्ट में 17 फरवरी 2011 को हाईकोर्ट में गुजरात हाईकोर्ट से ट्रांसफर कर नियुक्त किया गया। बाद में वे 8 फरवरी 2016 को गुजरात हाईकोर्ट में पुन: ट्रांसफर कर दीं गई।
6. जयश्री ठाकुर: जस्टिस जयश्री ठाकुर की राजस्थान हाईकोर्ट में नियुक्ति पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट से ट्रांसफर के बाद 5 जनवरी 2015 को की। बाद में वे 5 अक्टूबर 2016 को पुन: पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में ट्रांसफर हो गई।

7. जस्टिस निशा गुप्ता: जस्टिस निशा गुप्ता हाइकोर्ट में 28 अप्रैल 2011 से 12 सितंबर 2015 तक रहीं। हाईकोर्ट में उनकी नियुक्ति एचजेएस से हुई थी। 8. जस्टिस निर्मलजीत कौर: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जज जस्टिस निर्मलजीत कौर राजस्थान हाईकोर्ट में 9 जुलाई 2012 को नियुक्त हुईं। हालांकि उन्हें वापस 20 नवंबर 2018 को पुन: पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया। 9. जस्टिस प्रभा शर्मा: जस्टिस प्रभा शर्मा की हाईकोर्ट में नियुक्ति न्यायिक अधिकारी कोटे से उनके रिटायरमेंट के बाद 6 मार्च 2020 को हुई थी। उनका कार्यकाल 4 नवंबर 2020 तक रहा।

  • राज्य की महिला एडवोकेट नॉलेज, योग्यता व मेहनत में किसी भी पुरूष एडवोकेट साथियों से कम नहीं हैं। लेकिन संपर्क सूत्र नहीं होने व उचित सहयोग नहीं मिलने से महिला एडवोकेट हाईकोर्ट जज नहीं बन पाती हैं। हाईकोर्ट में ऐसी अनेक महिला एडवोकेट हैं जो हाईकोर्ट जज बनने के योग्य हैं। - एडवोकेट सुनीता सत्यार्थी, बीसीआर की पूर्व सदस्य
  • न्यायपालिका में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने से महिलाओं व बच्चों से जुड़े केसों में ज्यादा संतुलित व सशक्त सोच विकसित होगी। ऐसे में न्यायपालिका के सभी स्तरों पर महिलाओं का अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें। - शालिनी श्योराण, राजस्थान हाईकोर्ट की सीनियर एडवोकेट
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