वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्डन गर्ल का जलवा:4 दिन में दूसरी बार जीता गोल्ड मेडल, 7 दिन पहले तक नहीं मिल रहा था वीजा

जयपुर4 महीने पहले

भारत की अवनी लेखरा ने वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में 4 दिन में दूसरी बार गोल्ड मेडल जीत इतिहास रच दिया है। शनिवार को अवनी ने 50 मीटर राइफल इवेंट में 458.3 स्कोर के साथ गोल्डन गर्ल के तमगे को बरकरार रखा है। इससे पहले मंगलवार को अवनी ने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता था।

इससे पहले अवनी अपनी मां श्वेता जेवरिया और कोच राकेश मनपत के विजा क्लियरेंस के लिए भटक रही थीं। इतना ही नहीं, 21 साल की अवनी ने वीजा क्लियर न होने की गुहार खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से भी लगाई थी। खेल मंत्रालय के प्रयास से जब उन्हें फ्रांस जाने का मौका मिला तो इस बेटी ने भी अपने प्रदर्शन में कोई कसर नहीं छोड़ी और देश के लिए दूसरा गोल्ड जीत लिया।

मैडल जीतने के बाद अवनि ने कहा कि वर्ल्ड कप में दूसरा गोल्ड मैडल जीत कर काफी ख़ुशी है। ये पल मेरे लिए भावुक करने वाला है। गोल्ड मेडल जीतने के बाद अवनी ने एक सोशल पोस्ट करते हुए लिखा- बहुत भावुक हूं क्योंकि मैं इस वर्ल्डकप का दूसरा स्वर्ण पदक 50M इवेंट में 458.3 के स्कोर के साथ घर लेकर आया हूं। इससे अधिक खुश नहीं हो सकती!​​​​​​​
टोक्यो पैरालिंपिक में गोल्ड जीता था अवनी ने
अवनी लेखरा ने टोक्यो में खेले गए पैरालिंपिक गेम्स 2020 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मीटर एयर राइफल एसएच-1 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था। उन्हें 50 मीटर राइफल में ब्रॉन्ज भी मिला था। वे पैरालिंपिक में 2 मेडल जीतने वाली भारत की पहली पैरा एथलीट हैं।

11 साल की उम्र में हादसे का शिकार हुई थी अवनी
अवनी लखेरा 11 साल की उम्र में एक कार हादसे का शिकार हो गई थीं और उनकी रीढ़ की हड्‌डी टूट गई थी। इस एक्सीडेंट की वजह से वे डिप्रेशन में भी चली गई थीं। ऐसे में पिता ने खेलों में हिस्सा लेने का सुझाव दिया। फिर अवनी ने बीजिंग ओलिंपिक गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा की बायोग्राफी 'अ शॉट एट हिस्ट्री' पढ़ी। इसके बाद शूटिंग के प्रति वो और ज्यादा गंभीर हो गईं। अवनि ने 2015 में जयपुर के जगतपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से शूटिंग की ट्रेनिंग शुरू की।