गोल्डन गर्ल अवनी ने रचा इतिहास:10 और 50 मीटर शूटिंग में बनी दुनिया की नंबर-1 शूटर

जयपुर5 महीने पहले
वर्ल्ड शूटिंग में नंबर वन बनी गोल्डन गर्ल अवनी।

भारत की बेटी अवनी लेखरा ने अपने शानदार खेल की बदौलत दुनियाभर में एक बार फिर भारत का नाम रोशन किया है। मंगलवार को वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट्स रैंकिंग जारी की गई। जिसमें गोल्डन गर्ल अवनी ने R2- 10 मीटर एयर राइफल महिला SH1 और R8- 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन महिला इवेंट में दुनियाभर में फर्स्ट रैंक हासिल की है। इसके साथ ही शूटिंग में एक साथ दो वर्ल्ड रैंकिंग में ऐसा करने वाली अवनी भारत की पहली पैरा खिलाड़ी बन गई है।

वहीं दोनों इवेंट में वर्ल्ड नंबर वन का तमगा हासिल करने के बाद अवनी ने भी खुशी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'आर2 - 10एम एयर राइफल महिला एसएच1 और आर8 - 50एम राइफल 3 पोजीशन महिला टूर्नामेंट की वर्ल्ड रैंकिंग में पहला स्थान पाकर बेहद खुश हूं। इस उपलब्धि ने मुझे प्रेरित किया है।'

50 मीटर राइफल चैंपियनशिप में अवनी ने 741.24 पॉइंट हासिल किए हैं।
50 मीटर राइफल चैंपियनशिप में अवनी ने 741.24 पॉइंट हासिल किए हैं।

गोल्डन गर्ल अवनी लेखरा के लिए इस साल जून का महीना काफी खास साबित हो रहा है। इस महीने फ्रांस में आयोजित वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में अवनी ने 2 गोल्ड मेडल जीत इतिहास रचा था। 11 जून को उन्होंने 50 मीटर राइफल इवेंट जबकि 7 जून को उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता था। वहीं अब जून के महीने में ही वर्ल्ड नंबर वन का खिताब भी अवनि ने अपने नाम किया है।

10 मीटर राइफल चैंपियनशिप में अवनी ने 910.31 पॉइंट हासिल किए हैं।
10 मीटर राइफल चैंपियनशिप में अवनी ने 910.31 पॉइंट हासिल किए हैं।

टोक्यो पैरालिंपिक में गोल्ड जीता था अवनी ने

अवनी लेखरा ने टोक्यो में खेले गए पैरालिंपिक गेम्स 2020 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मीटर एयर राइफल एसएच-1 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था। उन्हें 50 मीटर राइफल में ब्रॉन्ज भी मिला था। वे पैरालिंपिक में 2 मेडल जीतने वाली भारत की पहली पैरा एथलीट हैं।

11 साल की उम्र में हादसे का शिकार हुई थी अवनी

अवनी लखेरा 11 साल की उम्र में एक कार हादसे का शिकार हो गई थीं और उनकी रीढ़ की हड्‌डी टूट गई थी। इस एक्सीडेंट की वजह से वे डिप्रेशन में भी चली गई थीं। ऐसे में पिता ने खेलों में हिस्सा लेने का सुझाव दिया। फिर अवनी ने बीजिंग ओलिंपिक गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा की बायोग्राफी 'अ शॉट एट हिस्ट्री' पढ़ी। इसके बाद शूटिंग के प्रति वो और ज्यादा गंभीर हो गईं। अवनि ने 2015 में जयपुर के जगतपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से शूटिंग की ट्रेनिंग शुरू की।