हाईकोर्ट का फैसला:लिव इन रिलेशनशिप में नहीं रह सकते वैवाहिक उम्र से छोटे युवक-युवती

जयपुर6 महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।

हाईकोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे 21 साल की युवती व 19 साल के युवक को उनके परिजनों से सुरक्षा दिलवाने से इंकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि युवक की आयु केवल 19 साल है और वह न्यूनतम वैवाहिक उम्र ही पूरी नहीं करते। ऐसे में वे लिव इन रिलेशनशिप में भी नहीं रह सकते। जस्टिस पंकज भंडारी ने यह निर्देश मीनाक्षी मीणा व तरूण शर्मा की याचिका खारिज करते हुए दिया।

याचिका में कहा था कि प्रार्थी लिव इन रिलेशनशिप में रहते हैं। उन्हें परिजनों से जान का खतरा है, इसलिए उन्हें पुलिस सुरक्षा दिलाई जाए। इसके विरोध में सरकारी वकील शेरसिंह महला ने कहा कि समाज में अभी लिव इन रिलेशनशिप को मान्यता नहीं है।

प्रार्थिया युवती भले ही वैधानिक रूप से शादी की उम्र पूरी कर चुकी है, लेकिन युवक केवल 19 साल का ही है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जब वह विवाह ही नहीं कर सकता तो लिव इन रिलेशनशिप में भी रहने का अधिकारी नहीं है। अदालत ने प्रेमी जोड़े को सुरक्षा दिलवाने से इंकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी।

जेडीए किसी अन्य के पक्ष में जारी नहीं करे वर्क ऑर्डर : हाईकोर्ट ने अंबेडकर सर्किल से सोढाला तक एलिवेटेड रोड के तहत किए जा रहे फुटपाथ व पार्किंग सहित अन्य पुन: निर्माण कार्य के मामले में जेडीए को पाबंद किया है कि वह किसी अन्य के पक्ष में इसका वर्क ऑर्डर जारी नहीं करे। सीएस, जेडीसी को नोटिस जारी कर 5 मई तक जवाब मांगा है।

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