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तीसरी लहर और सरकारी व्यवस्था...:3.5 लाख की आबादी में एक लाख बच्चे, स्वास्थ्य विभाग सेे अभी कोई तैयारी नहीं

फागी13 दिन पहले
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फागी| कोविड केयर सेंटर जिसमें 50 बेड की व्यवस्था है। - Dainik Bhaskar
फागी| कोविड केयर सेंटर जिसमें 50 बेड की व्यवस्था है।
  • दूदू-फागी उप जिला अस्पताल, 4 सीएचसी, 17 पीएचसी पर मात्र दो शिशु रोग चिकित्सक
  • दूदू बीसीएमएचओ ने कहा- तीसरी लहर की तैयारी में अभी कुछ नहीं, सरकारी निर्देश पर कार्य होगा
  • फागी बीसीएमएचओ ने कहा- शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं है, 50 बेड का सेंटर है, विशेष सुविधाएं नही

दिलीप चौधरी | कोरोना संक्रमण के दो चरणों में सरकारी इलाज और संसाधन की कमी के अभाव में गांवों में कई लोग मारे जा चुके है, लेकिन अब कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना है। जानकारों के अनुसार तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोई उपाए या तैयारी नहीं की है। दूदू व फागी उपखंड की करीब 3.5 लाख आबादी है। इस आबादी में शिशुओं की संख्या एक लाख है। अनदेखी का आलम ये है कि बच्चों के इलाज के लिए सबसे महत्वपूर्ण शिशु रोग विशेषज्ञ है। दूदू-फागी उप जिला अस्पताल, चार सीएचसी व 17 पीएचसी में सिर्फ दो ही शिशु रोग विशेषज्ञ है। ऐसे में अगर तीसरी लहर में बच्चें अगर कोरोना की चपेट में आते है तो हालात पर काबू पाना प्रशासन के लिए चुनौती साबित होगी।

डॉक्टर ही नहीं कैसे होगा इलाज फागी कोविड केयर सेंटर की बात करें तो यहां पचास बेड है। लेकिन ना तो अभी तक ऑक्सीजन प्लांट लगा और न ही पर्याप्त वेंटिलेटर है। कोविड केयर सेंटर में बच्चों के इलाज के लिए एक भी शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं है। कमाल तो ये है कि फागी उप जिला अस्पताल तक में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं है। 8 पीएचसी है।

दूदू में 2 डाॅक्टर, तैयारी कुछ नहीं दूदू उपखंड में एक उप जिला अस्पताल, चार सीएचसी और 9 पीएचसी होने के बावजूद सिर्फ दो शिशु रोग विशेषज्ञ है। तीसरी लहर से पहले कोई तैयारी नहीं है। कोविड केयर सेंटर में न तो पीआईसीयू है और ना ही एनआईसीयू सेटअप है। बच्चों के लिए स्पेशल वेंटिलेटर तक नहीं है।

बच्चों के इलाज में ये व्यवस्था होना अति आवश्यक

बच्चों के कोरोना इलाज के लिए विशेष ट्रेनिंग किए हुए चिकित्सक क्योंकि बच्चों में ऑक्सीजन लेने की क्षमता अलग-अलग होती है इसलिए ट्रेड स्टाफ चाहिए।} एनआईसीयू व ऑक्सीमीटर होना चाहिए।} पीआइसीयू बेड सहित पीडियाट्रिक्स वेंटिलेटर होना चाहिए।} इन्फ्लयूजन पंप व सीपेप मशीन जिस पर एक साल से 12 साल तक के बच्चों का इलाज होता है।

अधिकारियों को सरकारी निर्देश की जरूरत...

अभी तक तीसरी लहर की कोई तैयारी नहीं है। सरकार क्या निर्देश देती है उस हिसाब से ही करेंगे। दूदू में केवल दो शिशु रोग विशेषज्ञ है।-श्याम सुंदर दायमा, बीसीएमएचओ, दूदू^ कोविड केयर सेंटर में पचास बेड के अलावा कोई विशेष तैयारी नहीं है। फागी ब्लॉक में एक भी शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं है। तीसरी लहर की तैयारी अब करेंगे। -दिनेश कुमार, बीसीएमएचओ, फागी

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