दिनभर कोहरा:14 मिमी बारिश, दिन का पारा 1 डिग्री गिरकर 19.3 डिग्री, दिनभर कोहरा

सवाई माधोपुर5 महीने पहले
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सवाई माधोपुर। जिला मुख्यालय पर बजरिया के मुख्य बाजार में होती बरसात तथा वातावरण में छाया कोहरा।‎ - Dainik Bhaskar
सवाई माधोपुर। जिला मुख्यालय पर बजरिया के मुख्य बाजार में होती बरसात तथा वातावरण में छाया कोहरा।‎
  • गुरुवार को अधिकतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं एक दिन पूर्व बुधवार को अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था

जिला मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी बरसात का दौर जारी रहा। जिलेभर में लगभग सभी जगहों पर दिनभर रुक-रुककर बरसात होती रही। बरसात और सर्द हवाएं चलने से सर्दी बढ़ गई और लोग गर्म कपड़ों में लिपटे हुए नजर आए। कई जगहों पर लोग दिन में भी अलाव का सहारा लेते हुए दिखाई दिए, वहीं दूसरी ओर गुरुवार को सुबह से लेकर दोपहर बाद तक मौसम में घना कोहरा छाया हुआ रहा और देर शाम तक हल्की बूंदाबांदी का दौर जारी रहा।

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं एक दिन पूर्व बुधवार को अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। इस तरह गुरुवार को दिन के तापमान में एक डिग्री की गिरावट देखी गई। वहीं बरसात की बात करें तो जिला मुख्यालय पर बुधवार शाम 5 बजे से लेकर गुरुवार शाम 5 बजे तक बीते 24 घंटे में 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिला मुख्यालय पर बुधवार को दिनभर रूक-रूककर बरसात होती रही। शाम को कुछ समय के लिए बरसात रूकी, लेकिन इसके बाद रात करीब 11 बजे से फिर से बरसात शुरू हो गई, जो धीमी गति से पूरी रात रूक-रूककर बरसती रही।

गुरुवार को सुबह भी हल्की बूंदाबांदी हो रही थी और घना कोहरा छाया हुआ था। सुबह 8 बजे तो स्थिति यह थी कि पास की वस्तुएं भी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ने लगा, वैसे-वैसे कोहरा छटने, लेकिन पूरी तरह से कोहरा नहीं छटने के कारण लोगों को परेशानी हुई। सुबह 8 बजे तक विजिबिलिटी 40 मीटर थी तो वहीं दोपहर 3 बजे विजिबिलिटी 70 मीटर थी। इससे ज्यादा दूरी की चीजें साफ दिखाई नहीं दे रही थी। इसके साथ हाइवे और अन्य सड़क मार्गों पर कोहरे के कारण वाहनचालक अपने वाहनों की हैडलाइट जलाते हुए तथा बार-बार हॉर्न बजाकर स्वयं के होने का अह्सास करा रहे थे। दूसरी ओर गुरुवार को पूरे दिनभर में सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। आसमान में बादल छाए हुए रहे और दिनभर रूक-रूककर कभी तेज तो कभी धीमी बरसात होती रही। बरसात का यह क्रम देर शाम तक जारी रहा। बरसात होने तथा सर्द हवाएं चलने से सर्दी बढ़ गई। बरसात और सर्दी बढ़ने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। लोग अपने घरों से देरी से निकले और शाम को जल्द काम समाप्त कर घर को लौट गए।

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