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महंगाई की मार:15 दिनों में ही 20 रु. किलो से 60 रु. पहुंचा टमाटर

सवाई माधोपुर16 दिन पहले
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  • बाहर से आ रही सब्जियां, 15 दिन में ही भावों में भारी बढ़ोतरी ने बिगाड़ा घर का बजट

मानसून की बेरुखी का असर अब सब्जियों पर पड़ने लगा है। तेज गर्मी में स्थानीय सब्जियों की फसल खराब होने से सब्जियों के भाव में लगातार वृद्धि हो रही है। बरसात का मौसम अभी शुरू हुआ नहीं है, उसके बावजूद हरी सब्जियों के दाम बढ़ गए है। एक सप्ताह पहले तक 15 से 20 रुपए किलो मिलने वाला टमाटर 40 से 60 रुपए किलो पर पहुंच गया है। तेज गर्मी के कारण पालक, धनिया और मैथी की फसलें पीली पड़ने से इनके दामों में भारी वृद्धि हो गई है।

धनिया के दाम तो 180 रुपए पर पहुंच गए है, हालांकि 15 से 20 रुपए किलो बिकने वाला आलू का भाव अभी स्थिर है। इसके अलावा 15 रुपए किलो वाली प्याज 25 रुपए किलो पहुंच गई है।सब्जी विक्रेता मदन लाल सैनी ने बताया कि इस समय सब्जी मंडी में अन्य राज्यों की सब्जियों की सप्लाई हो रही है। प्रदेश में मौसम की बेरुखी के कारण आसपास के गांवों से जो एक माह पहले तक सब्जियों की आवक हो रही थी, वह थम गई है। बाहरी राज्यों से सब्जियों के आने से ट्रांसपोर्टेशन बढ़ जाता है, जिससे सब्जी के दाम बढ़े हैं।

इस समय लोकल सब्जी कम आ रही है। वह भी महंगी ही बिक रही है।मंडी में अधिकांश सब्जियां बाहर से आ रहीथोक विक्रेता मोहन लाल चोंहला ने बताया कि इस समय अधिकांश सब्जियों की आवक मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र से हो रही है। माल भाड़ा ज्यादा लग रहा है, जिससे सब्जियों के दाम बढ़े हैं। जिले में बारिश कम होने से स्थानीय सब्जियों की सप्लाई कम हो रही है। गोभी, टमाटर, पत्ता गोभी, टिंडा, मिर्च की सप्लाई मध्यप्रदेश से हो रही है। लोकल सब्जियों में तुरई, भिंडी, पालक, बैंगन, लौकी ही आ रही है। टमाटर की फसल गर्मी से खराब होने से दाम बढ़ गए हैं।

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