कोरोना का असर:सवाई माधोपुर जिले में 26 लोग कोरोना संक्रमण के कारण दुनिया से हुए अलविदा

सवाई माधोपुर10 महीने पहले
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  • 16 लोग ऐसे जो 50 से 80 की उम्र वाले थे, जिन्होंने अपनी जान गंवाई, 75796 लोगों के सैंपल लिए

देश में कोरोना संक्रमण के कारण बहुत कुछ उथल पुथल हुई। इससे सवाईमाधोपुर भी अछूता नहीं रहा। जिले ने कोरोना संक्रमण के कारण 26 लोगों की जान गवांई, जिनमें पूर्व कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया की माता का भी नाम शामिल है।सवाईमाधोपुर जिले में कोरोना अपना बहुत ज्यादा प्रकोप नहीं दिखा सका। जिले में कुछ 75796 लोगों के सेम्पल लिए गए। इनमें से अब तक 2071 लोग पॉजीटिव पाए गए। दुखद पहलू यह है कि इनमें से 26 लोग कोरोना की भेंट चढ़कर दुनिया को अलविदा कह गए। आज भी 95 लोग कोरोना संक्रमित होने के कारण इस जंग को लड़ रहे हैं। 1950 लोग ठीक होकर अपने घरों को चले गए हैं। इन 26 लोगों में 2 लोग पांच से 32 साल की उम्र के बीच वाले हैं। 2 लोग 32 से 45, 6 लोग 45 से 50 तथा शेष 16 लोग 50 से 80 की उम्र वाले थे, जिन्होंने अपनी जान गंवाई।सवाईमाधोपुर जिले के किसी भी अस्पताल में किसी भी कोरोना संक्रमित की मृत्यु नहीं हुई है। गंभीर रूप से संक्रमित सभी लोगों को जयपुर व कोटा के अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया था। इन 26 लोगों में से कई लोग या तो जिले के बाहर संक्रमित हुए थे और वहीं उपचार के दौरान काल का ग्रास बन गए। कोरोना के शिकार हुए लगभग सभी लोग पहले से ही किसी न किसी गंभीर बीमारी या दिल का दौरान पड़ने के कारण मृत्यु का शिकार हुए है। जिले में जिन लोगों का प्रारंभिक उपचार किया गया या क्वारेंटाइन किया गया उनमें से किसी को भी न तो यहां प्लाजमा दिया गया, न ही किसी को वेंटीलेटर पर रखा गया।

8 माह में जिले को 15 से 20 अरब का प्रत्यक्ष नुकसान

कोरोना काल में जिले को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा। पूरा व्यापार एवं बाजार ठप हो जाने के कारण यहां की अर्थ व्यवस्था लड़खड़ा गई। माना जाता है कि इन आठ माह में जिले को करीब 15 से 20 अरब रुपए का प्रत्यक्ष नुकसान हुआ है। बेरोजगारी व शिक्षण संस्थानों पर ताले लटक जाने के कारण शिक्षा के क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है। खासकर सवाईमाधोपुर में इसका सबसे ज्यादा असर पर्यटन उद्योग पर रहा। माना जाता है कि इस दौरान लगभग दो अरब रुपए का नुकसान केवल कोरोना के कारण पर्यटन उद्योग को हुआ है।

कोरोना काल के दौरान 26 लोगों ने संक्रमित होकर अपनी जान गंवाई। इनमें सबसे चर्चित मृत्यु पूर्व जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया की मां की रही। जनसुनवाई व परिवादियों से मुलाकात के दौरान पहाड़िया कोरोना संक्रमित हुए। उस समय उनकी मां व पत्नी भी उनके साथ थी। लगभग 90 वर्षीय उनकी मां इस संक्रमण को झेल नहीं पाई और अपने आईएस पुत्र के कारण घर में आए कोरोना संक्रमण ने उनको काल का ग्रास बना दिया। इसके अलावा पूर्व कलेक्टर का पूरा परिवार व जिले के पुलिस अधीक्षक व विधायक दानिश अबरार भी जनता से सम्पर्क के कारण कोरोना संक्रमित हो गए।

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