अतिक्रमियों ने सरपंच पर किया जानलेवा हमला:अतिक्रमण हटाने से नाराज लोग लाठियां लेकर मारने दौड़े, सरपंच ने भागकर बचाई जान

सवाई माधोपुर3 दिन पहले
तहसील परिसर में ग्रामीण 39 दिनों से धरने पर बैठे हैं। उन्होंने प्रशासन पर अतिक्रमण बेदखली में भेदभाव का आरोप लगाया।

सवाई माधोपुर में जमीन माफिया के हौसले बुलंद है। शुक्रवार को गण्डावर सरपंच हनुमान मीणा पर अतिक्रमियों ने जानलेवा हमले की कोशिश की। इस दौरान सरपंच ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। प्रशासन की ओर से चारागाह सिवायचक भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को चिन्हित कर जेसीबी मशीन से खाई खोदी गई, जिससे 1-2 लोगों की फसल खुर्द बुर्द हो गई। इससे नाराज कुछ लोगों ने सरपंच पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की।

सरपंच ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे वह अपने खेत पर से घर लौट रहा था। तभी रास्ते में पहले से घात लगाकर गांव के ही रघुवीर मीणा, सुमेर मीणा, दुर्गालाल मीणा ने रास्ता रोक कर उस पर लाठी से वार कर किया। आरोपियों ने कहा कि मेरी फसल नष्ट होगी तो तू भी जिंदा नहीं रहेगा। वह वहां से जान बचाकर भाग निकला। इसके बाद अतिक्रमी सरपंच के घर पर भी लड़ाई झगड़ा करने पहुंच गए, लेकिन ग्रामीणों ने उसको कमरे में बंद कर दिया और उसकी जान बचाई। इसके 3 घंटे बाद वह चोरी छिपे अतिक्रमियों के खिलाफ खंडार थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने आया तो गांव का ही आशाराम मीणा उसका पीछा करते हुए खंडार आ गया। आशाराम ने उसको अतिक्रमण की बेदखली रुकवाने की धमकी देने लगा। सरपंच के मना करने पर आशाराम ने सरपंच को बीच तहसील में जान से मारने की धमकी दी।

अतिक्रमण नहीं हटेगा तो धरना रहेगा जारी
उधर, 39 दिनों से तहसील परिसर में धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि अतिक्रमियों के हौसले बुलंद हैं। प्रशासन ने अतिक्रमण बेदखली में भेदभाव किया है। प्रशासन की ओर से चारागाह भूमि मे रघुवीर पुत्र बजरंगा मीणा की खेती को नष्ट कर दिया है, लेकिन अन्य अतिक्रमण नहीं हटाए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन या तो सभी का अतिक्रमण हटाए नहीं तो धरना प्रदर्शन और भी तेज होगा। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि अतिक्रमियों का सरपंच पर हमला करना निन्दनीय कार्य है। अतिक्रमी अब धरना देने वालों से अभद्रता कर रहे हैं।

सरपंच ने कहा कि ग्रामीण पंचायत प्रशासन पर गलत आरोप लगा रहे हैं। दो दिन पहले 10 जेसीबी की व्यवस्था कर ली गई थी, लेकिन गिरदावर एतराम मीणा ने अतिक्रमियों व धरने पर बैठे ग्रामीणों के बीच राजीनामा होने की बात कहकर एक ही जेसीबी मंगाने की बात कही। ट्रैक्टर की व्यवस्था पर्याप्त थी। पंचायत कोरम भी मौके पर मौजूद रहे, लेकिन प्रशासन ने सरपंच के अलावा किसी को भी अतिक्रमण स्थल पर नहीं आने दिया।

इनका कहना है
पीपलदा गांव में अतिक्रमण को चिन्हित कर लिया गया है। बेदखली की कार्रवाई के लिए पुलिस बल पर्याप्त नहीं था। पुलिस बल मिलते ही अतिक्रमण की बेदखली कर देंगे।
-तुलसीराम मीणा, तहसीलदार, खंडार