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समस्या - सफाई व्यवस्था चौपट:बालेर की सफाई व्यवस्था चौपट, गंदगी में पनप रहे मच्छर

सवाई माधोपुर13 दिन पहले
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  • ओडीएफ पंचायत की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है, बीमारी फैलने का अंदेशा

पंचायत समिति खंडार की बालेर पंचायत को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ओडीएफ घोषित कर दिया गया हैं। ओडीएफ पंचायत की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही हैं। स्वच्छता के नाम पर लाखों रुपये के बजट को लेकर कागजों में ही पूरी प्रकिया की कागजी खानापूर्ति कर इतिश्री कर ली जाती हैं। जिसके चलते आमजन की राहों में कीचड़ व गंदा परेशानी का सबब तो बना हुआ हैं।वहीं मच्छर पनपने से बीमारियों का अंदेशा बना हुआ है।

स्वच्छता अभियान के तहत निर्मित शौचालयों का नहीं हो रहा उपयोग भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत स्वच्छता अभियान के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत निर्मित शौचालय निर्माण सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाने जैसी प्रतीत हो रही हैं। इसका जीता जागता उदाहरण आज भी गांव में दिखाई दे रहा हैं। पंचायत में बने सरकार के अनुदान पर शौचालयों का निर्माण हुआ लेकिन जिम्मेदारों ने उनके उपयोग की ज़िम्मेदारी ना तो स्वयं निभाई ना सरकार के नुमाइंदों ने इस और ध्यान दिया जिसके चलते गांवों में स्वच्छता के नाम पर सिर्फ शौचालय निर्माण ही हुए हैं।

गली-मोहल्लों में कीचड़, गंदगी के ढेर कस्बे के गली मोहल्ले कीचड़ गंदगी से अटे हुए हैं। जिसके चलते लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव तो पड़ ही रहा हैं। कीचड़ गंदे पानी में मच्छर पनपने से बीमारी फैलने का अंदेशा भी बना हुआ हैं। बालेर में हर मोहल्ले में कीचड़ गंदगी से लोगों की राहे हो रही अवरुद्ध, लेकिन जिम्मेदार नहीं देते हैं ध्यान।

ना कचरा-पात्र, ना ही कचरा उठाने के लिए वाहन ओडीएफ घोषित बालेर में गली मोहल्लों में कचरा पात्र हैं, ना ही कचरा प्रबंधन के लिए स्थाई समाधान। जबकि कचरा प्रबंधन के लिए कचरे को इकट्ठा कर आबादी के बाहर ढोने के लिए कोई वाहन भी उपलब्ध नहीं है। केवल मात्र दीपावली पर ही ग्राम पंचायत में साफ सफाई की औपचारिकता निभाई जाती है।

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