CHC में मोर्चरी का अभाव, शव रखने से किया इंकार:तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से बाइक सवार की हुई मौत, पुलिस शव लेकर हॉस्पिटल पहुंची तो कर्मचारियों ने लौटाया, तहसीलदार के कहने पर वार्ड में रखवाया

सवाई माधोपुरएक महीने पहले
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सीएचसी के वार्ड में रखा शव। - Dainik Bhaskar
सीएचसी के वार्ड में रखा शव।

मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के भाडौती मथुरा मेगा हाइवे पर गुरुवार रात तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस शव को कब्जे में लेकर मलारना डूंगर सीएससी पहुंचाया गया, लेकिन अस्पताल में मोर्चरी का अभाव बताकर कर्मचारियों ने शव रखने से इंकार कर दिया। तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद शव को हॉस्पिटल के वार्ड में रखवाया गया। पुलिस ने शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

हैड कांस्टेबल भूदेव सिंह ने बताया कि हादसे में रामकेश रैगर निवासी जलालपुरा बौंली की मौत हो गई। गुरुवार रात को वह मोरपा से बाइक पर सवार होकर अपने गांव जलालपुर जा रहा था। इसी दौरान भाडौती मथुरा मेगा हाइवे पर माणौली बैरवा बस्ती के पास अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद ड्राइवर वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सड़क पर बाइक सवार के लहूलुहान हालत में पड़ा देकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

सूचना पर पहुंची पुलिस गंभीरावस्था में उसे लेकर मलारना डूंगर सीएससी पहुंची, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव रखने की बात को लेकर सीएससी में कार्यरत कर्मचारियों ने मोर्चरी का अभाव होने की कहकर रखने से इंकार कर दिया। हादसे की सूचना पर मृतक के परिजन भी सीएचसी पहुंचे। शव को अस्पताल में नहीं रखने पर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। परिजनों ने चिकित्सा विभाग सहित प्रशासन के उच्च अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। जिसके बाद तहसीलदार किशन मुरारी मीणा की हस्तक्षेप के बाद शव को अस्पताल के वार्ड में रखवाया गया।

सीएचसी में मोर्चरी का अभाव

मलारना डूंगर राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मोर्चरी नहीं होने से सड़क दुर्घटना सहित अन्य मामलों में लोगों की मौत के बाद शव को रखने के लिए अस्पताल में जगह नहीं है। मजबूरन रात में मृतक के शव को अस्पताल के वार्ड में पुलिस की मौजूदगी में रखना पड़ता है। गौरतलब है कि उपखंड क्षेत्र में किसी भी सीएचसी और पीएचसी में मोर्चरी नहीं है। जिसके चलते रात में पोस्टमार्टम के अभाव में मृतक के शव को रखने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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