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जिले के ब्लड बैंक में खून की कमी:अब 21 % ब्लड ही शेष जो नाकाफी, लॉकडाउन में रक्तदान शिविरों का आयोजन नहीं होने व वैक्सीनेशन से पहले रक्तदान नहीं करने से आई किल्लत

सवाई माधोपुर2 महीने पहले
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ब्लड बैंक सवाई माधोपुर। - Dainik Bhaskar
ब्लड बैंक सवाई माधोपुर।

जिले का ब्लड बैंक खून की कमी से जूझ रहा है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में अपनी क्षमता से केवल 21 फिसदी खून ही बचा हुआ है। जिले के ब्लड बैंक की फिलहाल भंडारण क्षमता 600 यूनिट खून की है लेकिन वर्तमान समय में लॉकडाउन के चलते यहां 21 यूनिट खून ही उपलब्ध है। फिलहाल जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में ए पॉजिटिव 2, बी पॉजिटिव 2, बी नेगेटिव 2, ओ पॉजिटिव 2, ओ नगेटिव 7, एबी पॉजिटिव 2, एबी नेगेटिव का 4 यूनिट खून मौजूद है।

जो जिला अस्पताल के लिहाज से नाकाफी है​। जिलेभर के सभी मरीजों के इलाज के लिए यही जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां रोजाना करीब पांच से दस मामले एक्सीडेट के ही आ जाते हैं। जिनको अर्जेन्ट में खून की जरूरत पड़ती है। ऐसे जरूरतमंदों के लिए यहां ब्लड बैंक की ओर से इमरजेंसी डॉनर को बुलाकर उनसे खून लेकर काम चलाया जा रहा है। लोगो में जागरूकता की कमी के चलते जिले की ब्लड बैंक में खून की कमी बनी हुई है।

ब्लड बैंक सवाई माधोपुर में कार्यरत दिलीप गौतम बताते है की रक्तदान महादान है। रक्तदान करके ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सकती है। लेकिन लॉकडाउन के चलते रक्तदान शिविरों का आयोजन नहीं होने, वैक्सीन लगवाने वाले लोगों द्वारा वैक्सीन लगवाने से पहले रक्तदान नहीं करने से ब्लड बैंक में खून की कमी बनी हुई है।

उन्होंने बताया की जो व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव थे। उनकी जांच रिपोर्ट के नेगेटिव आने के 14 दिन बाद चाहे तो रक्तदान कर सकते हैं। इसके साथ ही जिन लोगों ने टीके लगवाए हैं वे भी टीका लगवाने के 14 दिन के बाद रक्तदान कर सकते हैं।

अब 13 सेंटर पर हो रहा है वैक्सीनेशन, लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए तय करनी पड़ रही है 40 से 50 किमी दूरी

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