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पर्युषण:उत्तम आर्जव धर्म दिवस और भगवान सुपार्श्वनाथ का गर्भ कल्याणक मनाया, जिनेंद्र देव का अभिषेक

सवाई माधोपुर4 दिन पहले
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  • शहर में चल रहे दस लक्षण महापर्व के तीसरे दिन शांतिधारा सहित कई कार्यक्रम

सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान एवं आर्यिका संघ के सान्निध्य में वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए मनाए जा रहे आत्मशुद्धि के दस लक्षण पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन रविवार को उत्तम आर्जव धर्म तथा जैन धर्म के 7वें तीर्थंकर भगवान सुपार्श्वनाथ का गर्भ कल्याणक मनाया गया।समाज के प्रवक्ता प्रवीण जैन ने बताया कि आवासन मंडल स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में जिनेंद्र भक्तों ने मांगलिक क्रियाओं के साथ जिनेंद्र देव का अभिषेक-शांतिधारा कर विश्वशांति की कामना की और चंवर ढुलाए। इसके उपरांत अष्टद्रव्यों से भगवान सुपार्श्वनाथ की पूजन कर गर्भ कल्याणक का अर्घ्य मंत्रोच्चार पूर्वक उत्साह के साथ चढ़ाया गया। साथ ही उत्तम आर्जव धर्म व दस लक्षण विधान मंडल की मधुर स्वर लहरियों के बीच भक्ति पूर्वक पूजन कर मंडल पर 17 अर्घ्य समर्पित किए और जिनेंद्र भक्ति के सुमन संचय करते हुए सरलता अपनाने का संदेश दिया।

इस मौके पर शहर के जैन मोहल्ला स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मुदायमी मंदिर में उच्चासन पर विराजित गणिणी आर्यिका संगममति माताजी ने उत्तम आर्जव धर्म पर दृष्टांतों सहित ओजस्वी वाणी में प्रकाश डालते हुए कहा कि मन की पावनता, वचन की सत्यता व काया की संयमता का नाम आर्जव है। मायावी व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता है। दूसरों को छलने से स्वयं की आत्मा में छाले पड़ जाते हैं और वेदना की टीस देते रहते हैं। उन्होंने सरल बनो और सुखी रहो का संदेश देते हुए कहा कि जीवन की प्रत्येक क्रिया में धर्म का ध्यान रख व मायाचारी का त्याग करने से ही मनुष्य का कल्याण हो सकता है। सोमवार को उत्तम शौच धर्ममनाया जाएगा।

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