दीपावली आज:म्हारे घर-आंगन पधारो माता लक्ष्मी...

सवाई माधोपुर7 महीने पहले
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सवाई माधोपुर। दीपावली को लेकर रेलवे स्टेशन के सामने मॉल पर की गई लाइटिंग। - Dainik Bhaskar
सवाई माधोपुर। दीपावली को लेकर रेलवे स्टेशन के सामने मॉल पर की गई लाइटिंग।
  • घर-दुकानों में मुहूर्त में होगी माता लक्ष्मी की पूजा, बाजार सजे, बही-खातों की खूब हुई खरीदारी

दीपों का महापर्व दीपावली गुरुवार को जिले भर में धूमधाम से मनाई जाएगी। दीपोत्सव के दौरान धरा दीपों से जगमगाएगी। देवी लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के बाद आतिशबाजी के धमाकों से कॉलोनियां गूंज उठेगी। दीपावली त्योहार को लेकर लोगों ने जमकर खरीदारी की। शहर व बजरिया के बाजार लोगों की भीड़ से अटे रहे।

ग्राहकी अच्छी होने से दुकानदारों के चेहरे खिल उठे। वहीं दीपावली के त्योहार के मद्देनजर घरों एवं प्रतिष्ठानों पर आकर्षक सजावट की गई है। दुल्हन की तरह सजा बाजार देर शाम तक दूधिया रोशनी से नहाया हुआ था। मंगलवार को धनतेरस के साथ दीपोत्सव का पांच दिवसीय महापर्व शुरू हुआ। धनतेरस पर बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। शहर में करोड़ों का कारोबार हुआ। इसके बाद बुधवार को रूप चौदस एवं छोटी दीवाली मनाई गई। इस अवसर पर महिलाओं ने सजने-संवरने का काम किया। इसके चलते ब्यूटी पार्लरों पर महिलाओं की भीड़ रही। ग्रामीण क्षेत्र के खरीदारों ने लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूजा, पशुओं को सजाने की सामग्री तथा मिठाइयां आदि खरीदी।

कलम, दवात व बही-खातों की होगी पूजा

दीपावली पूजा के दिन स्याही की बोतल, कलम और नए बही-खातों की पूजा भी की जाती है। दवात और लेखनी की पूजा कर दवात और लेखनी को पवित्र किया जाता है और नए बही-खातों पर देवी सरस्वती की पूजा कर बही-खातों को भी पवित्र किया जाता है। व्यापारी वर्ग अपनी-अपनी दुकानों व प्रतिष्ठानों में श्रीमहालक्ष्मी और श्रीगणेशजी का पूजन कर अपने व्यापार को आगे बढ़ाने की मनौतियां मांगेंगे।

शुभ मुहूर्त में करें मां लक्ष्मी व गणेशजी का पूजन दीपावली के दिन नवीन वस्त्र एवं आभूषण धारण कर शुभ मुहूर्त में परिवार सहित मां लक्ष्मी व गणेशजी का पूजन करना चाहिए। पंडित लालचंद गौत्तम ने बताया कि कार्तिक कृष्ण अमावस्या गुरुवार 4 नवंबर 2021 को प्रदोष काल में अमावस्या होने से इसी दिन दीपावली मनाई जाएगी तथा लक्ष्मी पूजन किया जाएगा लक्ष्मी पूजन प्रदोष युक्त अमावस्या को स्थिर लग्न व स्थिर नवांश में किया जाना सर्वश्रेष्ठ होता है। उन्होंने बताया कि प्रदोष काल शाम 5:38 से रात्रि 8:15 तक, वृष लग्न शाम 6:20 से रात्रि 8:17 तक, सिंह लग्न मध्यरात्रि बाद 12:50 से 3:06 तक, चौघड़िया समय अमृत व चर का चौघड़िया शाम 5:38 से रात्रि 8:54 बजे तक, लाभ का चौघड़िया मध्य रात्रि 12:10 से 1:48 तक तथा शुभ व अमृत का चौघड़िया अंतरात 3:26 से प्रातः 6:42 तक रहेगा। सर्वश्रेष्ठ पूजन का समय शाम 6:32 से 6:45 बजे तक है, जिसमें दीप प्रज्वलित कर पूजन चालू कर सकते हैं।

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