पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

चेतावनी भूमि सत्याग्रह की:एक्सप्रेस हाइवे निर्माण में बिना मुआवजे के ठेकेदार उठा रहा किसानों के खेतों से मिट्‌टी

सवाई माधोपुर13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • सांसद किरोड़ी ने कहा- किसान का अहित हुआ तो करूंगा भूमि सत्याग्रह

बौंली तहसील क्षेत्र के राजस्व गांवों से होकर गुजरने वाले भारत माला परियोजना के तहत दिल्ली-मुंबई-बड़ोदरा छह लेन एक्सप्रेस हाइवे का निर्माण कार्य करने वाले एनएचआई एवं निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारियों द्वारा किसानों के साथ मनमानी करने एवं खेतों से से अवैध मिट्टी उठाने का मामला सामने आया है। गत दिनों सहरावता गांव में भूमि अधिग्रहण एवं निर्माण कार्य को लेकर विरोध कर रहे किसानों की मांग की सुनवाई करने राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीना भी क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं। एक्सप्रेस हाइवे निर्माण के लिए ठेकेदारों को करोड़ों टन मिट्टी की जरूरत होने पर ठेकेदारों द्वारा खनन एवं राजस्व विभाग के नियमों को ताक में रखकर बिना स्वीकृति के सरकारी एवं गैर सरकारी भूमि सहित निजी खातेदारी से अवैध रूप से गहराई तक में लगातार खनन किया जा रहा है। इस मामले में शनिवार को डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने ठेकेदार एवं सरकारी तंत्र को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर किसानों का अहित हुआ तो वे भूमि सत्याग्रह करने पर मजबूर होंगे। बिना मुआवजे के आखिर किस नियम से किसानों के खेतों को खदानों में तब्दील किया जा रहा है। सरकारी गोचर भूमि से खनन करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक होने के बाद भी क्षेत्र के कई गांवों से कई बीघा भूमि से मिट्टी का खनन किया जा चुका है। गांवों के पशुओं की चराई के लिए सुरक्षित और प्रतिबंधित सरकारी भूमि पर से ठेकेदारों द्वारा जेसीबी की सहायता से अवैध खनन कर डंपरों में ओवरलोड मिट्टी का निर्गमन करने से क्षेत्र की सड़कों का दम निकल चुका है। किसानों ने ठेकेदारों पर नियमों को ताक में रखकर उपजाऊ मिट्टी के खनन का आरोप लगाया है। बौंली के एक खेत मालिक ने एसडीएम को लिखित शिकायत सौंपकर बताया कि मिट्टी उठाने के लिए ठेकेदार द्वारा मशीनों से खेतों में आधा बीघा भूमि पर बीस फीट गहरी खाई बना दी। खेतों की मेडबंदी, पाळ व एनीकटों पर खतरा बना हुआ है। एक खेत की पाळ के ठीक नीचे बीस फीट गहरी खाई से एनीकट का पानी का रिसाव होने से पाळ टूटने का खतरा बना हुआ है।इन गांवों में हो रहा कार्यभारत माला परियोजना के तहत दिल्ली, मुंबई, बड़ोदरा तक छह लेन एक्सप्रेस हाइवे निर्माण के लिए निजी कंपनियों के ठेकेदारों द्वारा कई निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिले के बौंली तहसील के राजस्व गांव झनून, भेड़ोली, बौंली, थड़ी, खिरखडी, रसूलपुरा, बड़ागांव, हिंदूपुरा, सहरावता, बांसड़ा नदी एवं सवाई माधोपुर तथा चौथ का बरवाड़ा के राजस्व गांव त्रिलोकपुरा, भगवतगढ़, रावतपुरा, कावड़, आदलवाड़ा कलां, इटावा, कुस्तला, मुई, पीपलवाड़ा, खिजूरी सहित 23 गांवों से यह हाइवे गुजरेगा।क्षेत्र के जटावती, सहरावता, बांसड़ा नदी गांव के किसानों ने एनएचआई द्वारा किसानों की खातेदारी भूमि के अधिग्रहण के बाद एक साल पहले जारी किए गए मुआवजा राशि के नोटिस की फाइलें भूमि अवाप्ति अधिकारी अतिरिक्त जिला कलेक्टर को जमा करवाने के बाद किसानों को मुआवजा राशि जारी नहीं की गई। साथ ही ठेकेदारों द्वारा मनमानी करते हुए खातेदारी खेतों की फसलों को नष्ट करके एक्सप्रेस हाइवे के लिए मिट्टी डालने का आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाया गया है। किसानों का कहना हैं कि जब तक मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक उनके खेतों में निर्माण कार्य को बंद रखा जाए। पंचायत स्तर पर जनसुनवाई करके किसानों को मुआवजा राशि देने की मांग की है।यह है नियमखनन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार एनएचआई के अधीन एक्सप्रेस हाइवे सड़क निर्माण का काम करने एनएचआई द्वारा किसानों की निजी खातेदारी से सहमति के अनुसार एग्रीमेंट साइन करके मिट्टी के खनन करने के लिए खनन विभाग से खनन स्वीकृति लेकर ही खनन करने का प्रावधान है। मिट्टी का खनन नियमों के तहत दो मीटर की गहराई तक किया जाने की शर्त पर एसटीपी दी जाती है, लेकिन क्षेत्र के कई गांवों में ठेकेदारों द्वारा बहुत गहराई से मिट्टी का खनन किया जा रहा है। ऐसे में खनन विभाग द्वारा अवैध खनन होने पर भी मिट्टी का उठाव करने वाली निजी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने पर किसानों ने रोष जताया है।बिना एसटीपी खनन अवैधसरकारी भूमि से खनन नहीं किया जा सकता। बिना एसटीपी के खनन करना अवैध खनन माना जाता है। ठेकेदारों में निजी भूमि से खनन की स्वीकृति भी ली है। दो मीटर से अधिक खनन नहीं किया जा सकता है और यदि किया जा रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। अनिल गुप्ता, सहायक अभियंता, खनन विभाग, सवाई माधोपुरमैं पूरी तरह किसानों एवं ग्रामीणों के साथ^इस हाईवे का निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार द्वारा सभी नियमों को ताक में रख कर काम किया जा रहा है। किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन पर बिना मुआवजे की खाइयां खोद दी गई है। किसान की कोई सुनने वाला नहीं है। जब किसानों के खेतों को खाइयों में तब्दील कर दिया जाएगा तो वह आखिर करेगा तो क्या और कमाएगा तो कहां। आखिर बिना मुआवजे के आखिर किस नियम के तहत किसी की निजी जमीन से मिट्टी खोदी जा सकती है। मैं पूरी तरह किसानों एवं ग्रामीणों के साथ हूं। या तो सरकारी तंत्र और ठेकेदार अपनी गलती को सुधार कर किसानों के नुकसान की भरपाई करें, नहीं तो मुझे किसानों को साथ लेकर भूमि सत्याग्रह करना होगा।-डॉ. किरोड़ीलाल मीना, राज्यसभा सांसद

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आप अपनी दिनचर्या को संतुलित तथा व्यवस्थित बनाकर रखें, जिससे अधिकतर काम समय पर पूरे होते जाएंगे। विद्यार्थियों तथा युवाओं को इंटरव्यू व करियर संबंधी परीक्षा में सफलता की पूरी संभावना है। इसलिए...

और पढ़ें