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नाबालिग से देह शोषण का मामला:पूजा से पूछताछ में पता चला- इरफान ने नहीं रईस ने की थी ज्यादती, गिरफ्तार

सवाई माधोपुर8 महीने पहले
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  • नाबालिग से देह शोषण मामले में अब तक 9 गिरफ्तार
  • पीड़िता को चकमा देने के लिए पूजा व सूरवाल थाना क्षेत्र के गोगोर निवासी रईस ने अपनी पहचान छुपाते हुए इरफान नाम बताया था

नाबालिग शोषण मामले में बुधवार को एसआईटी ने पहली सफलता हासिल कर ली। मामले में कांग्रेस सेवादल महिला प्रकोष्ठ की पूर्व जिला अध्यक्ष पूजा उर्फ पूनम चौधरी की गिरफ्तारी के साथ ही इस बात की संभावना बलवती हो गई थी कि शीघ्र ही पीड़िता का गुलाब बाग क्षेत्र के मकान में देह शोषण करने वाला व्यक्ति गिरफ्तार हो जाएगा। पूजा से एसआईटी ने पूछताछ के बाद इस बात का खुलासा किया है कि वहां पर बालिका का शोषण करने वाला व्यक्ति इरफान नहीं रईस था।

पीड़िता को चकमा देने के लिए पूजा व रईस ने अपनी पहचान छुपाते हुए रईस की जगह इरफान नाम बताया था।एसआईटी टीम की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिल्पा चौधरी वह टीम के सदस्य पुलिस उपाधीक्षक ओम प्रकाश सोलंकी ने बताया कि पूछताछ में पूजा से मिली जानकारी के आधार पर ही इस व्यक्ति की सही पहचान हो पाई है। जांच अधिकारी ने बताया कि गुलाब बाग क्षेत्र में पीड़िता का शोषण करने वाले व्यक्ति का नाम पीड़िता से छुपाया गया था इसका नाम इरफान नहीं होकर वास्तविक नाम रईस (35) था।

वह ट्रक चालक है और सूरवाल थाना क्षेत्र के गोगोर गांव का रहने वाला है। इसने पीड़िता को पूजा के साथ देखा था और उसके बाद पूजा से संपर्क कर इसे देह शोषण के लिए ले गया था। इसकी पहचान होने के बाद टीम ने सूरवाल थाना पुलिस की मदद से रईश गोगोर गांव से ही गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने अभी इस बात का खुलासा नहीं किया है कि गुलाब बाग क्षेत्र में पीड़िता के साथ दुष्कर्म किस के मकान में किया गया था। यह राज भी कल तक सामने आने की उम्मीद है।

भास्कर पहले ही इस बात की आशंका प्रकट कर चुका था कि इस मामले में हो सकता है। पीड़िता को पूजा व दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम इरफान गलत बताया हो और उसका नाम कोई और भी हो सकता है भास्कर की यह आशंका बिल्कुल सही साबित हुई है।

पूजा ने कहा- घर पर बच्चे अकेले हैं, एसआईटी ने चाइल्ड लाइन भेजा
आरोपी पूजा ने एसआईटी के कब्जे में आते ही पहला सफेद झूठ बोला और बताया कि उसके बच्चे अकेले हैं और यहां पर उसका कोई रिश्तेदार नहीं है। दूसरी तरफ सच्चाई यह है कि पूजा सीमेंट फैक्ट्री के एक क्वाटर में रहती है और पास के ही एक क्वाटर में उसके सबसे करीबी रिश्तेदार सास-ससुर अर्थात बच्चों के दादा-दादी रहते हैं, लेकिन पुलिस को पूजा ने इस सच्चाई से अवगत नहीं करवाया और बच्चों को ढाल बनाने का प्रयास करते हुए बच्चों के उसके बिना अकेले रहने की बात बताते हुए अपने प्रति संवेदना बटोरने का प्रयास किया।

पुलिस ने भी उसकी बात को मानते हुए बच्चों को कब्जे में लेकर चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया है। उधर आरोपी के सास-ससुर व बच्चों के दादा-दादी जो कि सीमेंट फैक्ट्री में ही रहते हैं, ने चाइल्ड लाइन से बच्चों को उन्हें सुपुर्द करने का आग्रह किया है। अब चाइल्ड लाइन की खानापूर्ति के बाद ही बच्चों को दादा-दादी के सुपुर्द किया जाएगा।

पूजा के क्वाटर के पास ही रहते हैं सास-ससुर, लेकिन घिनौनी करतूतों के कारण बहू से बोलचाल नहीं
​​​​​​​पूजा चौधरी व उसके सास-ससुर सीमेंट फैक्ट्री स्थित गोशाला में ही रहते हैं। लेकिन दोनों के बीच अनबन है। बुजुर्ग सास-ससुर व बहू में बोलचाल नहीं है, ना ही एक दूसरे के घर आना-जाना है। पूजा चौधरी की घिनौनी एवं असामाजिक करतूतों के चलते सास-ससुर भी अपनी बहू से दूर रहने में ही भलाई समझते हैं।

पोतों के लिए उमड़ा दादा-दादी का प्यार, अपनाने के लिए चाइल्ड लाइन में आवेदन किया
​​​​​​​गिरफ्तार होने के बाद दादा-दादी का पोतों के प्रति प्यार उमड़ा है तथा उन्हें अपनाने के लिए चाइल्ड लाइन में आवेदन किया है। लगभग पांच-छह साल पूर्व पूजा के पति की मौत हो गई थी। तब से वह अपने दोनों बेटों के साथ गोशाला क्वाटर में रह रही थी। पास ही उसके सास-ससुर भी रहते हैं। लेकिन बेटे की मौत के बाद बहू की घिनौनी करतूतों से परेशान सास-ससूर ने उससे नाता तोड़ लिया। ऐसे में पूजा अपने दस साल व आठ साल के बेटों के साथ रह रही थी। दोनों परिवार एक दूसरे के घर भी आते-जाते नहीं थे। ऐसे में बच्चे भी मां के पास ही रहते तथा दादा-दादी के पास नहीं जाते थे।

चर्चित कांड
​​​​​​​भास्कर पहले दिन से ही इस बात की आशंका प्रकट कर रहा है कि गुलाब बाग के पास जिस मकान में बालिका का शोषण तथाकथित इरफान ने किया था, वह मकान बहुत अहम है। पीड़िता को पूजा व दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम इरफान गलत बताया हो और उसका नाम कोई और भी हो सकता है भास्कर की यह आशंका बिल्कुल सही साबित हुई है। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि उस मकान का राज क्या है, लेकिन इस बात की आशंका जताई जा रही है कि मकान का सही पता लगाया गया तो वह किसी राजनैतिक पद या रसूख वाले व्यक्ति का निकल सकता है।

पीड़िता इस बात का खुलासा कर चुकी है कि जिस घर में उसका शोषण हुआ, उस समय पूजा उस घर तक भी गई थी और वहां बाहर बैठी रही थी। इसका मतलब पूजा उस घर को भली प्रकार जानती थी। एसआईटी टीम ने अभी इस बात का खुलासा नहीं किया है कि गुलाब बाग क्षेत्र में पीड़िता के साथ दुष्कर्म किस के मकान में किया गया था।

यह राज भी गुरुवार तक सामने आने की उम्मीद है। ऐसे में एसआईटी को हर हाल में उस मकान का पता लगा कर सच्चाई को सामने लाना चाहिए था, लेकिन अभी यह राज सामने नहीं आ पाया। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द इस राज से पर्दा उठ जाएगा। दूसरी तरफ अभी इस मामले में एसआईटी ने प्रोडक्शन वारंट के तहत जेल में बंद आरोपियों में से किसी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में नहीं लिया है।

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